संस्कार पब्लिक स्कूल में बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता जागरूकता सत्र संपन्न, साइबर फ्रॉड से बचने SBI अधिकारी ने दिए टिप्स


सक्ती – विद्यार्थियों को बैंकिंग व्यवस्था, वित्तीय साक्षरता और आर्थिक रूप से जागरूक बनाने के उद्देश्य से स्थानीय संस्कार पब्लिक स्कूल, सक्ती में एक विशेष ‘बैंकिंग जागरूकता सत्र’ का आयोजन किया गया। स्कूल प्रबंधन द्वारा आयोजित इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम में कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
बचत और डिजिटल बैंकिंग का समझाया महत्व
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अधिकारी सौरव कुमार अग्रवाल उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहद सरल भाषा में बैंकिंग सेवाओं की कार्यप्रणाली, दैनिक जीवन में बचत के महत्व और डिजिटल बैंकिंग के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को बताया कि कैसे सही उम्र से ही धन का उचित प्रबंधन करके एक आत्मनिर्भर नागरिक बना जा सकता है।
साइबर धोखाधड़ी से बचने के बताए कारगर उपाय
आज के डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए एसबीआई अधिकारी अग्रवाल ने ऑनलाइन लेन-देन में बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड (धोखाधड़ी) के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया और उनसे बचने के लिए सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार अपनाने के व्यावहारिक टिप्स दिए। उन्होंने प्रेरित किया कि किसी भी अनजान लिंक या ओटीपी को साझा न करें और वित्तीय लेन-देन के दौरान हमेशा सतर्क रहें।
मंच संचालन और गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाएं और भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का सफल और प्रभावी मंच संचालन शिक्षिका सुश्री मेघादीप द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता के व्यावहारिक मार्गदर्शन से विद्यार्थियों ने वित्तीय साक्षरता के महत्व को गहराई से समझा।
प्राचार्य का संदेश
विद्यालय के प्राचार्य वी. के. मिश्रा ने सत्र की सराहना करते हुए अपने संदेश में कहा, “वर्तमान डिजिटल युग में बैंकिंग एवं वित्तीय साक्षरता का ज्ञान हर विद्यार्थी के लिए अनिवार्य हो चुका है। ऐसे सत्रों से छात्रों में न केवल बचत की आदत विकसित होती है, बल्कि वे आर्थिक निर्णय विवेकपूर्ण ढंग से लेने में भी सक्षम बनते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि संस्कार पब्लिक स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उन्हें जागरूक, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनाने के लिए हमेशा निरंतर प्रयास करता रहेगा।
यह सत्र विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान, व्यावहारिक समझ और सुरक्षित डिजिटल वित्तीय व्यवहार को बढ़ाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल साबित हुआ।
