प्राकृतिक खेती ने बदली किसान चीनी लाल गोंड की खेती की तस्वीर, लागत घटी और बढ़ा मुनाफा

सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड के ग्राम सुलौनी के किसान चीनी लाल गोंड ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से जुड़कर अपनाई प्राकृतिक खेती
सक्ती – सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओ से आमजन की सेवा की कहानिया सामने आ रही है। इसी क्रम कृषि विभाग अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से विकासखंड मालखरौदा के ग्राम सुलौनी निवासी किसान चीनी लाल गोंड ने प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने जीवामृत, बीजामृत, ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र एवं अग्निअस्त्र जैसे प्राकृतिक कृषि आदानों को तैयार करने और उनके उपयोग की जानकारी प्राप्त की। चीनी लाल गोंड के पास कुल 3 एकड़ भूमि है। योजना से जुड़ने से पहले वे 2 एकड़ में धान की खेती में मुख्य रूप से रासायनिक उर्वरकों एवं दवाइयों का उपयोग करते थे। रासायनिक आदानों की बढ़ती लागत के कारण प्रति एकड़ खेती की लागत लगभग 20 हजार रुपये आती थी। प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण मिलने के बाद किसान ने धान की फसल में प्राकृतिक कृषि आदानों का उपयोग शुरू किया। उन्होंने स्वयं तैयार जीवामृत, ब्रह्मास्त्र एवं नीमास्त्र का उपयोग फसल में किया। प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद श्री चीनी लाल गोंड की खेती की लागत में कमी आई। पहले जहां प्रति एकड़ लगभग 20 हजार रुपये खर्च होते थे, वहीं अब यह लागत घटकर लगभग 14 हजार रुपये रह गई। इस तरह प्रति एकड़ करीब 6 हजार रुपये की लागत कम हुई। प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद धान का उत्पादन लगभग 24 क्विंटल प्रति एकड़ रहा। एक एकड़ से उन्हें लगभग 72,600 रुपये की कुल आय प्राप्त हुई। लागत घटने के बाद उन्हें लगभग 58,600 रुपये प्रति एकड़ का सकल लाभ प्राप्त हुआ। इससे किसान का प्राकृतिक खेती के प्रति विश्वास बढ़ा है।
चीनी लाल गोंड ने बताया कि वे ग्राम सुलौनी का छोटा किसान है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत आयोजित प्रशिक्षण में भाग लिया तथा प्रशिक्षण में जीवामृत, बीजामृत, ब्रह्मास्त्र और नीमास्त्र बनाने एवं इनके उपयोग की जानकारी मिली। पहले एक एकड़ धान की खेती में लगभग 20 हजार रुपये खर्च होते थे, लेकिन प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद लागत घटकर करीब 14 हजार रुपये रह गई। उन्होंने बताया कि धान का उत्पादन भी 24 क्विंटल प्रति एकड़ रहा और आय में वृद्धि हुई। चीनी लाल ने कहा कि अब प्राकृतिक खेती पर विश्वास बढ़ा है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से स्थानीय संसाधनों से कृषि आदान तैयार कर खेती की लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में यह प्रयास उपयोगी साबित हो रहा है। इस योजना के लिए चीनी लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।
