सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत वेस्ट मैनेजमेंट एवं सर्कुलर इकोनॉमी विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

कचरा नहीं, संसाधन समझें: अपशिष्ट प्रबंधन से आय एवं रोजगार के अवसरों पर कार्यशाला

सक्ती – सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत कार्यालय, सक्ती के सभागार में वेस्ट मैनेजमेंट एवं सर्कुलर इकोनॉमी विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, स्रोत पर कचरा पृथक्करण, रिसाइक्लिंग तथा अपशिष्ट से रोजगार एवं आय के अवसरों के प्रति लोगों, विशेषकर महिला समूहों को जागरूक करना रहा। कार्यशाला में ई-वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट, बैटरी वेस्ट, वेस्ट टायर तथा प्रयुक्त तेल (यूज्ड ऑयल) के रिसाइक्लिंग से जुड़े रिसाइक्लर्स ने भाग लिया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को अपशिष्ट के उचित संग्रहण, पृथक्करण एवं रिसाइक्लिंग की प्रक्रिया तथा इससे होने वाले संभावित आर्थिक लाभों की जानकारी दी।
कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने कार्यशाला में उपस्थित लगभग 150 महिला सदस्यों से व्यक्तिगत संवाद किया और उन्हें अपशिष्ट संग्रहण एवं पृथक्करण की गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वयं अधिकृत अपशिष्ट कलेक्टर के रूप में कार्य करते हुए रिसाइक्लिंग श्रृंखला का हिस्सा बन सकती हैं तथा अपशिष्ट के संग्रहण एवं उचित प्रबंधन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकती हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वासु जैन ने विभिन्न प्रकार के अपशिष्टों से होने वाले संभावित आर्थिक लाभों एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को अपशिष्ट प्रबंधन से जोड़कर इसे आजीविका के अवसर में परिवर्तित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में आरकेएम पावर प्लांट के पर्यावरण प्रमुख श्री सी.के. कुर्रे ने फ्लाई ऐश के उपयोग से बनाए जाने वाले विभिन्न उत्पादों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फ्लाई ऐश से ईंट, पेवर ब्लॉक, फ्लावर पॉट, टाइल्स सहित विभिन्न निर्माण सामग्री तैयार की जा सकती है। उन्होंने महिलाओं को उपलब्ध अवसरों से जुड़कर इसका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही प्लांट की ओर से आवश्यक सहयोग एवं सामग्री उपलब्ध कराने की संभावनाओं के संबंध में भी जानकारी दी। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, जांजगीर-चांपा के क्षेत्रीय अधिकारी आर.पी. वासुदेव ने वेस्ट मैनेजमेंट एवं सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपशिष्ट को केवल कचरा न समझकर संसाधन एवं आय के स्रोत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्रोत पर कचरे के पृथक्करण तथा अधिकृत कलेक्टर एवं रिसाइक्लर्स के माध्यम से अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। कार्यशाला में सक्ती एवं बाराद्वार क्षेत्र में कार्यरत एसआरएलएम सेंटर के सहायक कर्मियों तथा स्वास्थ्य सहायता समूह की लगभग 150 महिलाओं ने भाग लिया। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए अपशिष्ट संग्रहण के दौरान आने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों तथा कचरे के पृथक्करण, संग्रहण एवं परिवहन से संबंधित समस्याओं से अधिकारियों एवं रिसाइक्लर्स को अवगत कराया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को संदेश दिया गया कि “कचरा नहीं, संसाधन समझें—कचरे का पृथक्करण करें, रिसाइक्लिंग से जुड़ें और आय का नया अवसर बनाएं।” कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में स्वच्छता, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, रिसाइक्लिंग, महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी तथा सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर के.एस. पैकरा सहित संबंधित अधिकारी, रिसाइक्लर्स एवं महिला समूहों के सदस्य उपस्थित रहे।
