
सक्ती। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी की जिला अध्यक्ष श्रीमती रश्मि गभेल के नेतृत्व में में प्रेस वार्ता का किया गया आयोजन जिसमें प्रमुख रूप से गिरधर जायसवाल, गोपाल भारद्वाज ,पिंटू ठाकुर पियूष राय मनोज जायसवाल, संतोष सोनी,चंद्र कुमार सोनी ,कुसुम यादव ,राम सजीवन देवांगन ,सनी यादव ,राजेंद्र यादव ,राकेश गबेल, भानु प्रताप गवेल (मिडिया प्रभारी)खान ,साजिद खान,राशिद खान अन्य कांग्रेसी नेता उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्षों (2014-2026) के कार्यकाल को विफलताओं, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और वादाखिलाफी का दौर करार दिया है। भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री के जन्मदिन और 25 वर्षों के शासनकाल को ‘सेवा-संकल्प’ के रूप में मनाने की तैयारी पर तंज कसते हुए कांग्रेस ने इसे जनता के साथ क्रूर मजाक बताया है।
पत्रकारवार्ता के प्रमुख बिंदु एवं कांग्रेस के आरोप
1. वादों की नाकामी और बढ़ती महंगाई
- रोजगार का वादा: प्रतिवर्ष 2 करोड़ रोजगार देने और 100 दिनों में महंगाई घटाने के वादे पूरी तरह विफल साबित हुए।
- पेट्रोल-डीजल की मार: डीजल पर सेंट्रल एक्साइज बढ़ाकर देश की जनता की जेब पर डकैती डालने का काम किया गया है।
- रुपये की गिरावट: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है।
2. अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर चोट
- नोटबंदी और GST: नोटबंदी से काले धन पर कोई असर नहीं पड़ा और जटिल GST संरचना से छोटे व मध्यम व्यापारियों (MSMEs) को भारी नुकसान हुआ।
- किसानों और मजदूरों की उपेक्षा: स्वामीनाथन आयोग के तहत MSP लागू करने का वादा अधूरा है और श्रम कानूनों को खत्म किया जा रहा है।
3. ‘मोदी की गारंटी’ और छत्तीसगढ़ से वादाखिलाफी
- नौकरी व भत्ता: राज्य के युवाओं को 1 लाख सरकारी नौकरी और बेरोजगारी भत्ता देने का वादा पूरा नहीं किया गया।
- महंगाई व योजनाएं: ₹500 में रसोई गैस सिलिंडर देने का वादा ठंडे बस्ते में है। 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद करने और गोठानों को प्रभावित करने का आरोप है।* महिलाओं से छलावा: ‘महतारी वंदन योजना’ का लाभ सभी पात्र महिलाओं को न देकर केवल आधी आबादी को दिया गया।
सेवा-संकल्प’ नहीं, ‘वादाखिलाफी दिवस’ मनाए भाजपा: कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसार, भाजपा सरकार के इस कार्यकाल को ‘सेवा संकल्प’ के बजाय बेरोजगारी दिवस, महंगाई दिवस, किसान धोखा दिवस और वादाखिलाफी दिवस के रूप में देखा जाना चाहिए। पत्रकारवार्ता के माध्यम से पार्टी 43 से अधिक सवालों और क्षेत्रीय विफलताओं को जनता के सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
