17 दिसंबर को होगा गौ सम्मान दिवस का तृतीय चरण, रायपुर में तीन दिवसीय गौ-कथा प्रशिक्षण शिविर में बनी रणनीति


रायपुर- गौ सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत 8, 9 एवं 10 सितंबर 2026 को श्री अग्रसेन धाम, रायपुर में तीन दिवसीय गौ सम्मान आह्वान कार्यशाला एवं गौ-कथा प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए गौभक्तों, माताओं एवं बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में मुल्क पीठ महाराज के कृपापात्र सुरभि दास महाराज एवं भारत भाई महाराज तथा पथमेड़ा राजस्थान के संतों सहित अनेक संतों एवं मार्गदर्शकों ने उपस्थित गौभक्तों एवं कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन प्रदान किया। गौ-कथा के माध्यम से गौ संरक्षण, गौ सेवा तथा गौ आधारित प्राकृतिक जीवनशैली के विषय में प्रशिक्षण दिया गया।
शिविर के दौरान आचार्य निरंजन वर्मा ने गौ संरक्षण, गौ सेवा तथा गौ आधारित स्वस्थ एवं स्वावलंबी समाज के निर्माण को लेकर विशेष व्याख्यान एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने समाज में गोमाता के प्रति सम्मान एवं सेवा की भावना को और मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण के दौरान गौ सेवा एवं संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने, अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने तथा गांव-गांव में जनजागरण गतिविधियों को गति देने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस महत्वपूर्ण तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में सक्ती जिला से गौसेवक मयंक ठाकुर, दुर्गेश पांडे, मनीष मिश्रा एवं पप्पू खर्रा ने भी सहभागिता की। उन्होंने शिविर में गौ संरक्षण, गौ सेवा एवं गौ सम्मान के विषय में प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया तथा सक्ती जिले में गौ सम्मान आह्वान अभियान के तृतीय चरण को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने के लिए आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की।
कार्यशाला में योग आयोग छत्तीसगढ़ एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ जोन प्रभारी आदर्श वर्मा, गायत्री परिवार से सोहम विश्वकर्मा, पूज्य नारायण दास महाराज सहित अनेक संत, समाजसेवी एवं गौसेवक उपस्थित रहे।
शिविर में 17 दिसंबर को प्रस्तावित गौ सम्मान दिवस के तृतीय चरण की तैयारियों एवं आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक गौभक्तों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों को जोड़ने तथा विभिन्न जिलों में जनजागरण अभियान को गति देने की योजना बनाई गई।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 121 गौभक्त कथावाचकों से अपने-अपने जिलों में गौ सम्मान आह्वान अभियान के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरण के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का आह्वान किया गया।
शिविर में उपस्थित गौभक्तों एवं कार्यकर्ताओं ने गौ संरक्षण, गौ सेवा और गौ सम्मान के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
“गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान—यही समाज का संकल्प, यही अभियान का आह्वान।”
