प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा बैठक हुआ आयोजित
31 जुलाई 2026 तक किसानों का पंजीयन पूर्ण करने के दिए निर्देश
सक्ती- कलेक्टर अमृत विकास तोपनो की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत जिला स्तरीय पर्यवेक्षक समिति सह समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में खरीफ वर्ष 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए किसानों का राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर पंजीयन 31 जुलाई 2026 तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में खरीफ वर्ष 2026 के लिए जारी अधिसूचना के अनुरूप अधिक से अधिक ऋणी एवं अऋणी किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ने, शत-प्रतिशत केसीसी सैचुरेशन (KCC Saturation) सुनिश्चित करने, फसल बीमा से ऑप्ट आउट करने वाले किसानों की संख्या कम करने तथा जिले में योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही वन पट्टाधारी किसानों को भी फसल बीमा के दायरे में शामिल करने, खरीफ वर्ष 2025 के एनसीआईपी पोर्टल पर फसल कटाई प्रयोगों के औसत उपज आंकड़ों की समीक्षा एवं खरीफ वर्ष 2025 के दावा भुगतान की जानकारी पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर श्री तोपनो ने कहा कि इस वर्ष अल-नीनो के कारण मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए किसानों को अधिक से अधिक संख्या में फसल बीमा योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने बैंक शाखा प्रबंधकों एवं समिति प्रभारियों को पात्र केसीसी धारक किसानों का शत-प्रतिशत फसल बीमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, बैंकों एवं बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड के जिला प्रतिनिधियों को समन्वय स्थापित कर सेवा सहकारी समितियों एवं ग्रामों में शिविर आयोजित कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उप संचालक कृषि ने बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना की जानकारी देते हुए बताया कि बाढ़, सूखा, जलभराव, ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति की स्थिति में यह योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने कृषि ऋण लिया है, वे संबंधित सेवा सहकारी समिति अथवा बैंक के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकते हैं। वहीं अऋणी किसान लोक सेवा केंद्र, बैंक, वित्तीय संस्थान अथवा बजाज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क कर या भारत सरकार के प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। बैठक में कृषि विभाग द्वारा यह भी बताया गया कि अऋणी किसानों को आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज, बी-1 एवं पी-2 फसल विवरण जैसे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर निकटतम सीएससी सेंटर अथवा संबंधित बैंक के माध्यम से भी फसल बीमा करा सकते हैं। बैठक में उप संचालक कृषि, अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक संचालक उद्यान, भारतीय स्टेट बैंक के लीड बैंक अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित सक्ती के सहायक नोडल अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी (एनआईसी), बजाज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के जिला प्रतिनिधि, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की समस्त शाखाओं के प्रबंधक, प्राथमिक सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधक तथा कृषक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

