सक्ती

जिला मिशन समन्वयक हरिराम जायसवाल का भव्य विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित

जिला मिशन समन्वयक हरिराम जायसवाल का भव्य विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित kshititech

सरकारी अधिकारी या कर्मचारी का सेवानिवृत्त होना अंत नहीं होता है, बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत जरूर होती है : रितेश रमण सिंह

सक्ती/बिर्रा-  विकासखंड बम्हनीडीह के अंतर्गत संकुल केंद्र डीडीएस बिर्रा में जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा हरिराम जायसवाल के सेवानिवृत्त होने पर भावपूर्ण विदाई एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन तीनों संकुल केंद्र डीडीएस, संकुल केंद्र सिलादेही और संकुल केंद्र बिर्रा के शैक्षिक समन्वयकों एवं संकुल प्राचार्यों के संयुक्त तत्वावधान में यहां विदाई एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया था । जिसमें शिक्षा जगत से जुड़े अधिकारियों,जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षकों ने सैंकड़ों की संख्या में भाग लेकर निवर्तमान जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा हरिराम जयसवाल जी को शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह ,पेन, डायरी, बुके आदि भेंट कर हर्षोल्लास के साथ सम्मानित किए।  इसके साथ ही शुभकामनाएं देकर उज्जवल भविष्य की कामना भी किए । इस विदाई एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद सदस्य रितेश रमण सिंह, अध्यक्षता कर रहे सरपंच प्रतिनिधि एकादशिया साहू, विशिष्ट अतिथि मनोज कुमार तिवारी समाज सेवा के एवं पूर्व शिक्षक संघ पदाधिकारी, बी. एल. चंद्राकर प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पेंशनर्स कल्याण संघ रायपुर,  तोषण प्रसाद तिवारी सेवानिवृत्ति प्राचार्य , सुनील कुमार कुर्रे प्रभारी प्राचार्य शासकीय डीडीएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा एवं सुप्रिया शुक्ला प्राचार्य सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा आदि की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम के शुभारंभ में मां सरस्वती एवं भारत माता के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना के साथ श्री फल चढ़ा कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अतिथियों का स्वागत पुष्पहार, श्रीफल एवं शॉल भेंट कर किया गया। इस दौरान कक्षा 11वीं की छात्राओं ने स्वागत गीत एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर समारोह को भावनात्मक बना दिया। विशिष्ट अतिथि मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि हरिराम जायसवाल ने अपने जीवन में संघर्ष, परिश्रम और समर्पण के बल पर शिक्षा विभाग में उल्लेखनीय सेवाएं प्रदान किया है। श्री  हरिराम जायसवाल जी का जन्म दिनांक 15 जून सन 1964 को ग्राम बम्हनीडीह में हुआ । इनकी धर्म पत्नी  झूलीबाई एवं इनके भरे पूरे परिवार में चार पुत्रियां एवं एक पुत्र हैं। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा बम्हनीडीह में हुआ। इन्होंने तीन विषय पर स्नातकोत्तर किया है । इनकी प्रथम नियुक्ति 10 फरवरी सन 1983 को सहायक शिक्षक के रूप में ग्राम गंगाजल स्कूल, विकासखंड नवागढ़ में हुआ। वे विभिन्न पदों उच्चवर्ग शिक्षक , प्रधान पाठक एवं व्याख्याता के पद पर रहते हुए सेवा निवृत्त हुए। सर्वशिक्षा अभियान में संकुल प्रभारी ,स्पोर्टिंग टीचर ,खंड स्त्रोत समन्वयक , सहायक परियोजना अधिकारी व वर्तमान में जिला समन्वयक समग्र शिक्षा के पद पर रहते हुए सेवा निवृत्त हुए । श्री जायसवाल जी मध्य प्रदेश शिक्षक संघ में तहसील अध्यक्ष चाम्पा से कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ में जिलाध्यक्ष जांजगीर चाम्पा ,प्रदेश के विभिन्न पद जैसे मंत्री , उपाध्यक्ष , एवं प्रदेश महामंत्री तक का सफर तय किये हैं । जयसवाल जी शिक्षक संघ में 1992 से लेकर  2017 तक विभिन्न पदों पर रहे । शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के वर्तमान में आप प्रदेश सह संयोजक हैं। आप कर्यव्य निष्ठ के साथ ही साथ मृदुभाषी एवं मिलनसार हैं। आपका जीवन अनुशासित समाजोपयोगो रहा है। आप शिक्षा विभाग में 43 वर्ष 8 महीने सेवा देकर सेवा निवृत्त हो रहे हैं। हम आपके स्वस्थ , दीर्घायु एवं प्रसन्नचित्त जीवन की कामना करते हैं। विशिष्ट अतिथि तोषण प्रसाद तिवारी सेवानिवृत प्राचार्य ने उन्हें मृदुभाषी, मिलनसार एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताते हुए उनके पद चिन्हों पर चलने की बात कही। समारोह में  बी एल. चंद्राकर प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पेंशनर संघ रायपुर ने भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। मुख्य अतिथि रितेश रमण सिंह ने कहा किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी का सेवानिवृत्त का अर्थ केवल नौकरी से अवकाश है, जीवन से नहीं है। सेवानिवृत्त होना अंत नहीं होता है बल्कि नई जिम्मेदारियां की शुरुआत जरूर होती है। अनुभव और सेवा का सफर कभी समाप्त नहीं होता है। उन्होंने हरिराम जायसवाल के शिक्षा क्षेत्र में योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन की कामना किया।

अपने उद्बोधन में सेवानिवृत्त जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा हरिराम जायसवाल ने कहा कि बिर्रा क्षेत्र से उनका वर्षों पुराना आत्मीय नाता रहा है और भविष्य में भी क्षेत्र एवं शिक्षा के हित में जहां आवश्यकता होगी, वहां वे सदैव सहयोग के लिए तत्पर रहेंगे। इस अवसर पर संकुल केंद्र डीडीएस के शैक्षिक समन्वयक लखनलाल कश्यप, संकुल केंद्र सिलादेही के शैक्षिक समन्वयक गुरुप्रसाद भतपरे, एवं संकुल केंद्र बिर्रा के शैक्षिक समन्वयक रामकिशोर देवांगन ने श्रीफल, शॉल, स्मृति चिन्ह एवं मेमेंटो भेंट कर उनका सम्मान किए। वहीं संकुल केंद्र डीडीएस के शैक्षिक समन्वयक लखनलाल कश्यप ने पेन से उकेरा गया हरिराम जायसवाल का आकर्षक छायाचित्र भेंट कर समारोह को और विशेष बना दिया है।इस कार्यक्रम का सफल संचालन व्याख्याता देवनारायण चौहान ने किया तथा कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन संकुल केंद्र डीडीएस के शैक्षिक समन्वयक लखनलाल कश्यप ने किया।

      इस कार्यक्रम में  छबिलाल पटेल, बुद्धेश्वर कश्यप, ध्रुव कहार, पंचराम कश्यप ,तुलेश्वर देवांगन, रूपनारायण सरदार,  किशन लाल साहू ,मनबोध पटेल, रामजी साहू ,सुंदरलाल निराला, लक्ष्मी देवांगन , फिरतराम केवट, एकादशीया खूंटे, पुष्पा पटेल, सरस्वती कुंभकार ,अनीता टोप्पो, अरुण कश्यप आदि के अलावा विदाई एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक गण भारी संख्या में उपस्थित थे।