गतवा और सिलादेही में दिन रात चल रहा रेत का अवैध उत्खनन, परिवहन और डंप

सक्ती /बिर्रा– जनपद पंचायत बम्हनीडीह के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिलादेही और गतवा में दिन रात रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन और भंडारण का कार्य चैन माउंटेन मशीन और हाईवा से तेज गति से निरंतर चल रहा है। जिम्मेदारों की आपस में मिली भगत लग रही है। जिला के उच्च अधिकारी जानबूझकर भी अंजान बने बैठे हैं। जिसके कारण हसदेव नदी के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। बड़ी-बड़ी हाईवा भारी वाहन के रात और दिन निरंतर चलने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जहां पर रेत का भंडारण किया जा रहा है, उक्त स्थल में बकायदा हीरालाल सोनी कोरबा वाले के नाम से रेत भंडारण का स्वीकृत होने का बोर्ड लगाकर दिन रात भारी मात्रा में भंडारण भी किया जा रहा है। लेकिन मजेदार बात यह है कि कलेक्टर कार्यालय जांजगीर चांपा के खनिज शाखा में हीरालाल सोनी के नाम से भंडारण करने के संबंध में स्वीकृति का आदेश जारी ही नहीं किया गया है। नाम नहीं छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि कथित रेत ठेकेदार हीरालाल सोनी कोरबा वाले ने अपने दो चमचों के द्वारा राष्ट्रीय पर्यावरण अधिनियम 2010 का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत घाट की स्वीकृति और संचालन संबंधी आदेश का जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा पंचायत पदाधिकारी को आज तक नहीं दिया गया है। जिसके कारण स्थानीय लोगों का कहना है कि एनजीटी 2010 के नियमों के अनुसार हसदेव नदी से रेत खनन में भारी मशीनों का उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा है। इसके बावजूद भी यहां सिलादेही और गतवा घाट पर मुक्त रेत माफिया के द्वारा लगातार रात और दिन चैन माउंटेन मशीन से अवैध रेत उत्खनन व परिवहन और भारी मात्रा में माउंट एवरेस्ट की ऊंची चोटी पहाड़ जैसे भंडारण भी किया जा रहा है। चैन माउंटेन मशीन के उपयोग करने से हसदेव नदी में बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढा बन जा रहे हैं। निकट भविष्य में दुर्घटनाओं को रेत माफिया के द्वारा निमंत्रण दिया जा रहा है। इसके साथ ही पर्यावरण को भी बर्बाद कर रहे हैं। उक्त संबंध में जिम्मेदार जांजगीर चांपा जिला के खनिज अधिकारी से भी संपर्क किया गया। लेकिन मजेदार बात यह है कि उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि खनिज विभाग के अधिकारी रेत माफियाओं के आगे बौने साबित हो रही है। रेत माफिया के द्वारा अवैध रूप से रेत का खनन व परिवहन और भंडारण लगातार किया जा रहा है। जिसमें जिम्मेदार अधिकारी अंकुश लगाने में नाकाम है। रेत माफिया रेत का भंडारण करके आने वाले बरसात के दिनों में औने पौने दामों में बेचने के फिराक में लगा हुआ है। इसलिए रेत माफिया के द्वारा चैन माउंटेन मशीन और भारी-भारी वाहनों से सिलादेही के पुल के किनारे में रेत का खुलेआम अवैध रूप से भारी मात्रा में पहाड़ जैसे भंडारण भी किया जा रहा है। रेत माफिया के द्वारा रेत उत्खनन और राष्ट्रीय पर्यावरण अधिनियम का खुलेआम धज्जियां उड़ाया जा रहा है। जिम्मेदार खनिज विभाग के अधिकारियों का क्षेत्र के ग्रामीणों के बीच में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि रेत के बड़े माफिया को पकड़ने में अधिकारियों के हाथ पांव फूलने लगे हैं। लेकिन मजेदार बात यह है कि छोटे-मोटे ट्रैक्टर मालिक को पकड़कर खनिज विभाग वाह वाही लूटा रही है। जिसके कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कारण चाहे जो भी हो लेकिन सिलादेही और गतवा में लगातार दिन रात चैन माउंटेन मशीन और हाईवा भारी भारी वाहनों से रेत का खुलेआम उत्खनन व परिवहन और भंडारण किया जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला के मुखिया कलेक्टर महोदय से कड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खनन में लगे हुए चैन माउंटेन मशीन और बड़ी-बड़ी हाईवा भारी वाहन को राजसात करते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग किए हैं।
अवैध रेत उत्खनन एवं अवैध परिवहन और अवैध भंडारण पर राजस्व विभाग के द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। सिलादेही और गतवा में भी अवैध उत्खनन की शिकायत प्राप्त होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पवन कोसमा
अनुविभागीय अधिकारी
राजस्व चांपा




