सक्ती

ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती के अवसर पर शनि मंदिर में पूजा अर्चना एवं वट सावित्री पूजा कर अपने पति की दीर्घायु की कामना की गई

ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती के अवसर पर शनि मंदिर में पूजा अर्चना एवं वट सावित्री पूजा कर अपने पति की दीर्घायु की कामना की गई kshititech

सक्ती – ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है, इसे वट सावित्री के रूप में भी मनाया जाता है, शनिदेव, सूर्य पुत्र हैं, और निष्पक्ष न्याय के देवता हैं, शनि ग्रह और शनिवार दोनों ही शनि देव महाराज के द्वारा शासित हैं, सौभाग्य और समृद्धि के दाता भी शनि देव महाराज ही हैं। शनिदेव की कृपा से ही लोगों को परिश्रम का उचित फल प्राप्त होता है, शनि जयंती के अवसर पर शनि देव महाराज जी की प्रसन्नता के लिए तैलाभिषेक, और शनि शांति पूजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज शनि मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी गई भक्तों ने श्रद्धा पूर्वक शनि महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भक्तों ने मंदिर में दीप प्रज्वलित भी करवाया, 16 मई शनिवार को अमावस्या व शनि जयंती धूमधाम से मनाई गई, प्रेम और सौभाग्य का प्रतिक पर्व वट सावित्री पर्व सौभाग्यवती महिलाओं ने श्रद्धाभक्तिपूर्ण माहौल में के साथ मनाया, ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में अमावस्या तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है, इस दिन महिलाएं वट पीपल की पूजा कर अपने पति की दीर्घायु की कामना करती है, वही आज शनी जयंती भी धूमधाम से मनाई गई, जिससे अंचल का वातावरण आज सुबह से ही भक्तिमय रहा । सौभाग्यती महिलाएं16 श्रृंगार कर निर्जला व्रत का संकल्प लेती है, वट वृक्ष के पास पहुंचकर धूप दीप नैवेद्य फल चढाकर श्रद्धाभाव से पूजा अर्चना कर पति की लम्बी आयु के लिए वरदान मांगती है, वट सावित्री व्रत तीन दिन का होता है, इस व्रत में वट पीपल के पूजन का विधान है, इस व्रत को ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी से अमावस्या तक व्रत करना चाहिए व्रती महिलाएं पूजन सामग्री जल, मौली, रोली, चावल, गुड़, भीगे चने धूप दीप सुहाग की सामग्री कच्चा सूत से पूजा अर्चना करती है, महिलाएं वट वृक्ष में जल एवं भीगा हुआ चना चढाती है. एवं वट वृक्ष में रोली अक्षत चढ़ाकर वृक्ष पर फेरी लगाकर कलावा बांधती है. साथ ही हाथ जोडकर वट वृक्ष की परिक्रमा करती है. जिससे पति की लंबी उम्र के साथ जीवन में आनी वाली बधायें दूर होती है. तथा सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसके अलावा इस दिन महिलाएं अपने घरो मे विशेष व्यंजन भी बनाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में वटवृक्ष के नीचे, नगर मे सांई मंदिर के पास ,शनि मंदिर के पास, थाना के पीछे बिजली आफिस के पास , बंधवा तालाब के पास पूरेन्हा तालाब के पास ,वट वृक्ष के तले सुहागिनो पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की, आज सुबह से ही षनी मंदिर एवं वट वृक्ष में महिलाओं की भीड़ देखी गयी, महिलाओ ने इस दिन वट वृक्ष की पूजा अर्चना कर आर्शीवाद प्राप्त किया, नगर तथा ग्रामीण क्षेत्रों  में आज वट सावित्री पूजा महिलाओं के द्वारा श्रद्धापूर्वक मनाया गया।