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नन्दौर कला में दशहरा मेला का हुआ भव्य आयोजन: माता सारंगढ़हीन देवी मंदिर में उमड़ी श्रद्धा का सैलाब

नन्दौर कला में दशहरा मेला का हुआ भव्य आयोजन: माता सारंगढ़हीन देवी मंदिर में उमड़ी श्रद्धा का सैलाब kshititech

सक्ती –  अंचल के सुप्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल नन्दौर कला में इस वर्ष भी नवरात्रि एवं दशहरा पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। आदि शक्ति मां सारंगढ़हीन देवी मंदिर में जहां शारदीय नवरात्रि के दौरान भक्ति का सैलाब उमड़ा, वहीं विजयादशमी के अवसर पर आयोजित भव्य दशहरा मेले और लकी ड्रा ने क्षेत्रवासियों को आकर्षित किया। नवरात्र आयोजन के दौरान उच्च न्यायालय के अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदि शक्ति मां सारंगढ़हीन देवी मंदिर इस अंचल के आदिवासियों की अधिष्ठात्री देवी हैं। उन्होंने बताया कि प्राचीन नरवर गढ़ के एक ओर जहां सुप्रसिद्ध शिव मंदिर स्थित है, वहीं दूसरी ओर नहर के तट पर माता सारंगढ़हीन साक्षात विराजमान हैं।  वर्ष 2007 में ग्रामवासियों द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद से यहां अनवरत नवरात्रि पर्व पूरी भव्यता से मनाया जा रहा है। इस वर्ष मंदिर में श्रद्धा के 300 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए। इसके साथ ही राजेश राठौर, परमानंद, दिनेश एवं उनके साथियों द्वारा मंदिर परिसर व आसपास किया गया वृहद वृक्षारोपण इस धार्मिक स्थल को और भी आकर्षक बनाता है।
पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो प्राचीन नरवरगढ़
अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि पुरातत्व विभाग के नक्शे में 6वीं-7वीं शताब्दी के दरमियान तत्कालीन शासक ढोला-मारू द्वारा खाई के मध्य विकसित किया गया ‘नरवरगढ़’ ही कालांतर में नन्दौर कला एवं नन्दौर खुर्द के रूप में तब्दील हो गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अत्यंत प्राचीन पुरातत्वीय एवं धार्मिक स्थल को एक बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना ग्रामवासियों के साथ-साथ जिला प्रशासन का भी प्रमुख दायित्व है।
धूमधाम से हुआ रावण दहन, लकी ड्रा में खुले भाग्य के ताले
पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेश राठौर ने बताया कि अंचल वासियों के अभूतपूर्व सहयोग से गत वर्षों की भांति इस साल भी भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। उत्सव के दौरान आकर्षक रामलीला का मंचन और रावण दहन मुख्य आकर्षण रहे। मेले को और रोमांचक बनाने के लिए आयोजित किए गए लकी ड्रा के विजेताओं को मुख्य अतिथियों—पूर्व मंत्री मेघाराम साहू, पूर्व सरपंच अनिल राठौर और नगर पालिका शक्ति के पार्षद लाला सोनी के कर-कमलों से पुरस्कृत किया गया।
लकी ड्रा के मुख्य पुरस्कारों में प्रथम पुरस्कार (स्कूटी)  गौरी भट्ट (कुसमुंडा), द्वितीय पुरस्कार (एलईडी टीवी) खुशी दुबे(अकलतरा), तृतीय पुरस्कार (वाशिंग मशीन) राकेश राठौर (निरीक्षक, जैजैपुर) के अलावा कई अन्य विजेताओं को भी आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस पूरे दशहरा उत्सव और लकी लॉटरी के भव्य आयोजन को सफल बनाने में ग्रामवासियों के साथ-साथ सेवानिवृत प्राचार्य आर. एन. राठौर, सी. एल. राठौर, सत्येंद्र राठौर, चंद्र शेखर राठौर, महेंद्र छोटू राठौर का विशेष योगदान रहा। वहीं ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती निर्मला सुरेन्द्र कुर्रे, जनपद सदस्य श्रीमती कृष्णा-लोचन राठौर, अर्जुन कुर्रे, प्रकाश राठौर (TI), लखन चौहान, महेंद्र मोचन राठौर, पुष्पा सुमन राठौर (पुलिस विभाग), राघवेन्द्र लाला राठौर, सुशील राठौर, धनीराम राठौर, द्वारिका राठौर (आर्मी) और टीआई भरत राठौर ने पूरे कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए व्यवस्था संभाली।