सक्ती

सीएम हेल्पलाइन 1076 से नवजात शिशु के उपचार में आई आर्थिक समस्या का 24 घंटे के भीतर हुआ निराकरण

सीएम हेल्पलाइन 1076 से नवजात शिशु के उपचार में आई आर्थिक समस्या का 24 घंटे के भीतर हुआ निराकरण kshititech
सीएम हेल्पलाइन 1076 से नवजात शिशु के उपचार में आई आर्थिक समस्या का 24 घंटे के भीतर हुआ निराकरण kshititech

सक्ती –  सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत आमजन की सेवा की कहानियां सामने आ रही हैं।  इसी क्रम में विकासखंड जैजैपुर अंतर्गत ग्राम रायपुरा निवासी जगदीश प्रसाद साहू, पिता यदुनाथ साहू के नवजात शिशु को उपचार के लिए एनआईसीयू में भर्ती कराने की आवश्यकता थी। आयुष्मान कार्ड की निर्धारित 50 हजार रुपये की उपचार सीमा के कारण उपचार में परेशानी आ रही थी। समस्या के समाधान के लिए हितग्राही ने सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से आयुष्मान कार्ड की उपचार सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किए जाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की गई। 24 घंटे के भीतर हितग्राही से संपर्क कर समस्या की जानकारी ली तथा आवश्यक कार्यवाही करते हुए समस्या का निराकरण किया गया। इससे नवजात शिशु के उपचार के दौरान परिवार को कठिन परिस्थिति में समय पर आवश्यक सहायता प्राप्त हुई। हितग्राही जगदीश प्रसाद साहू ने बताया कि नवजात शिशु के उपचार के लिए एनआईसीयू में भर्ती कराने की आवश्यकता थी, लेकिन आयुष्मान कार्ड की निर्धारित उपचार सीमा के कारण परेशानी आ रही थी। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से अपनी समस्या दर्ज कराई। आवेदन के बाद संबंधित अधिकारियों ने शीघ्र संपर्क कर आवश्यक कार्यवाही की और 24 घंटे के भीतर समस्या का निराकरण कर दिया। उन्होंने कठिन समय में त्वरित सहायता मिलने पर शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध निराकरण जरूरतमंद परिवारों को राहत प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह प्रकरण शासन एवं प्रशासन की संवेदनशीलता तथा जनसमस्याओं के निराकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। बता दे कि सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से कोई भी नागरिक अपनी समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, जिन पर संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में निराकरण की कार्यवाही की जाती है।