सक्ती

मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से खुशबू साहू को मिली 45 हजार रूपए की छात्रवृत्ति, नर्सिंग शिक्षा का सपना हो रहा साकार

मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से खुशबू साहू को मिली 45 हजार रूपए की छात्रवृत्ति, नर्सिंग शिक्षा का सपना हो रहा साकार kshititech

सक्ती – सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आमजन की सेवा की कहानी सामने आ रही हैं। श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना तथा उनकी शिक्षा में आने वाली आर्थिक बाधाओं को दूर करना है। योजना के माध्यम से पात्र श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि वे अपनी शिक्षा जारी रखते हुए अपने सपनों को साकार कर सकें। योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में विकासखण्ड जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पेंड्री निवासी श्रमिक परिवार की मेधावी छात्रा खुशबू साहू, पिता रोहित साहू एवं माता श्रीमती सुमिता साहू को बी.एस.सी. नर्सिंग की शिक्षा के लिए 45 हजार रुपये की छात्रवृत्ति राशि प्राप्त हुई है। डी.बी.टी. के माध्यम से प्राप्त इस सहायता राशि ने उनकी नर्सिंग शिक्षा को आगे बढ़ाने में परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। छात्रवृत्ति राशि प्राप्त होने से खुशबू साहू अपनी बी.एस.सी. नर्सिंग की पढ़ाई जारी रखते हुए अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर मेहनत कर रही हैं। उनका सपना है कि शिक्षा पूर्ण करने के बाद वे नर्सिंग ऑफिसर बनकर अपने ज्ञान एवं सेवा भावना के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की सेवा करें। हितग्राही खुशबू साहू ने बताया कि श्रम विभाग की इस योजना से प्राप्त 45 हजार रुपये की सहायता राशि ने उनकी पढ़ाई को आगे बढ़ाने में बहुत सहयोग किया है। उन्होंने बताया कि मेरे जैसे श्रमिक परिवार के बच्चों के लिए ऐसी योजनाएं शिक्षा के सपनों को पूरा करने का माध्यम बनती हैं। मेरा सपना नर्सिंग ऑफिसर बनकर लोगों की सेवा करना है और मैं अपने इस सपने को पूरा करने के लिए पूरी मेहनत कर रही हूं। यह योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को नई उड़ान देने का अवसर भी प्रदान कर रही है। उन्होंने इस सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।