इलाज कराने पहुंचे दंपती में पति रहस्यमय ढंग से लापता

शव मिलने के बाद बिना सूचना दफनाने का आरोप, पीड़ित परिवार ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
सक्ती – सक्ती जिला मुख्यालय में एक मरीज के रहस्यमय तरीके से लापता होने और बाद में उसका शव मिलने का मामला सामने आया है। मृतक की पत्नी ने बिहान हॉस्पिटल प्रबंधन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का आरोप है कि उसके पति की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही है। वहीं घटना की तारीख का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं होने से मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम मसानियाकला निवासी सुखुबाई भास्कर और उनके पति होरीलाल भास्कर 21 अप्रैल को इलाज के लिए सक्ती स्थित अस्पताल पहुंचे थे। बताया गया कि सुखुबाई को बिहान हॉस्पिटल में भर्ती किया गया, जबकि होरीलाल को समीप स्थित गोमती देवी अस्पताल में भर्ती किया गया था। पीड़िता के अनुसार, 22 अप्रैल की रात करीब 10 बजे होरीलाल अपनी पत्नी से मिलने बिहान हॉस्पिटल पहुंचे और लगभग आधे घंटे तक बातचीत करने के बाद वहां से चले गए। इसके बाद वे रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। सुखुबाई का आरोप है कि अगले दिन अस्पताल के एक कर्मचारी ने उन्हें बताया कि रात में उनके पति किसी युवती से छेड़छाड़ कर रहे थे, जिसके कारण विवाद हुआ था। हालांकि इस संबंध में कोई लिखित जानकारी या आधिकारिक दस्तावेज उन्हें नहीं दिया गया। पीड़िता का कहना है कि पति के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अस्पताल से छुट्टी लेकर तलाश करने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें चार दिन तक अस्पताल में ही रखा गया। 26 अप्रैल को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सुखुबाई ने अपने पति की खोजबीन शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिलने पर 27 अप्रैल को थाना सक्ती में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। कुछ दिनों बाद पुलिस को हरेठी नाला के पास एक सड़ी-गली अवस्था में शव मिला। आरोप है कि पुलिस ने शव की पहचान के लिए परिजनों को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर दी। बाद में मृतक के कपड़े और फोटो दिखाए गए, जिन्हें देखकर सुखुबाई ने शव की पहचान अपने पति होरीलाल भास्कर के रूप में की। घटना के बाद पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके पति की हत्या अस्पताल परिसर में या उससे जुड़े घटनाक्रम के दौरान हुई और बाद में शव को नाले के पास फेंक दिया गया। परिवार का यह भी आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद शव की पहचान के लिए उन्हें नहीं बुलाया गया, जिससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं मामले में अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। अस्पताल संचालक का कहना है कि अस्पताल परिसर में किसी प्रकार की मारपीट या अप्रिय घटना नहीं हुई थी और इस संबंध में पुलिस को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। इधर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद तथ्य सामने आएंगे और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर मृतक का परिवार हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।



