करही गोलीकांड में मृतक के पीड़ित परिवार से मिले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल


बिर्रा। जांजगीर चांपा जिला के बिर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम करही के गोली कांड में मृतक स्व आयुष कुमार कश्यप के परिजनों से 27 मई दिन बुधवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी ने ग्राम करही निवास स्थान पहुंचकर सर्वप्रथम मृतक आयुष कुमार कश्यप के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर शोक संवेदना प्रकट किए। परिवार जनों के भावुक होने पर ढांढस बंधाया। इसके साथ ही भगवान से प्रार्थना करते हुए इस दुख की घड़ी में सभी को सहनशक्ति प्रदान करने एवं मृतक आयुष कुमार कश्यप की आत्मा को शांति और भगवान के श्री चरणों में जगह मिलने की कामना भी किए। इसके बाद हाल-चाल जाना और घटना के संबंध में परिजनों से बारी बारी सभी से पूछताछ किया गया ।
गौरतलब है कि जांजगीर चांपा जिला के पुलिस थाना बिर्रा के अंतर्गत ग्राम पंचायत करही में बीते 23 अप्रैल के मध्य रात्रि में घटित चर्चित गोली कांड में तीन नकाबपोश बंदूक धारियों के द्वारा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं व्यापारी सम्मे लाल कश्यप के बड़े बेटा आयुष कुमार कश्यप की निर्मम हत्या कर दी गई। और छोटा बेटा आशुतोष कश्यप को गोली मार कर घायल कर दिया गया था। पुलिस आरोपियों को पकड़ने में लगभग एक महीना तक हवा में हाथ पैर मार रही थी। लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के हैदराबाद ट्रेनिंग से आते ही मामला को सुलझा लिया गया है। पुलिस के कई दर्जन अधिकारियों को जांच टीम में शामिल किया गया। और अंततः पुलिस के द्वारा तीन बंदूकधारियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेजा गया। इसके बावजूद गणपत बघेल को पुलिस के द्वारा साजिश करता का दावा करते हुए चौथे मुख्य आरोपी मानकर उसको भी गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। खैर इस संबंध में मृतक आयुष कुमार कश्यप के पिता सम्मे लाल कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी को बताते हुए कहा कि तीन अज्ञात एवं नकाबपोश बंदूक धारी के द्वारा जेसीबी मशीन की चाबी एवं स्विफ्ट कार की चाबी और मुख्य दरवाजा का ताला चाबी और बड़ी बेटी प्रेरणा कश्यप के मोबाइल को लेकर तीनों फरार हो गए थे। लेकिन अभी तक ताला चाबी और मोबाइल को कहां पर रखे हैं। किसके यहां छुपाए हैं। उक्त तीनों बंदूकधारियों के द्वारा पुलिस को बताया नहीं जा रहा है। बंदूक धारी आरोपियों ने कैमरा तोड़ने के लिए बाहर से लड़के बुलाए थे ऐसा बोल रहे हैं। लेकिन कैमरा तोड़ने वाला आज भी पुलिस के पकड़ से कोसों दूर है। सम्मे लाल कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी को आगे बताते हुए कहा कि यह रेत से जुड़ा मामला है। और इसमें हमारे हाईवा, ट्रक, ट्रैक्टर आदि वाहनों को जिन लोगों ने जगह-जगह रुकवाया था। उन्हीं बड़े लोगों का इस गोलीकांड में हाथ है। जिन्होंने मेरा बेटा मृतक आयुष कुमार कश्यप को बार-बार मिलने के लिए बुला रहे थे। जिन लोगों ने मिलकर रेत घाट का ठेका लिया है सिर्फ उन्हीं लोगों का ही हाथ है। तीन-चार लड़के जो इस गोलीकांड में जेल गए हैं। वे चारों लड़के सिर्फ मोहरा है। । मृतक के पिता ने पूर्व मुख्यमंत्री से हाथ जोड़कर निवेदन करते हुए कहा कि पुलिस नकली मुजरिमों को पकड़ कर अपनी पीठ थप थपा रही है। लेकिन असली बड़े मुजरिम तक पहुंचने में अभी भी पुलिस के हाथ पांव फूलने लगे हैं। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए असली मुजरिमों को फांसी की सजा दिलाने की मांग किए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने गोली कांड के पीड़ित परिवार को आश्वासन देते हुए कहा की दोषी चाहे कोई भी हो, कितना भी बड़ा क्यों न हो कानून सबके लिए बराबर है और न्याय के लिए लड़ाई जारी रहेगी। दोषियों को कोई भी हालत में बक्सा नहीं जाएगा। विधानसभा सत्र में इस मुद्दा को उठाया जाएगा। असली मुजरिमों को पकड़वाकर शासन के नियम के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अलावा राष्ट्रीय नेताओं के द्वारा भी किया जाएगा। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी सक्ती के जिला अध्यक्ष रश्मि गबेल, विधायक ब्यास कश्यप जांजगीर चांपा, बालेश्वर साहू जैजैपुर,रामकुमार यादव चंद्रपुर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता नारायण प्रसाद गबेल, पूर्व विधायक चैन सिंह सामले, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी हसौद के अध्यक्ष कुशल कश्यप, मधुसूदन साहू, राइस किंग खूंटे ,अभिषेक स्वर्णकार, संतोष कश्यप, इस्माइल खान, भोजराम हरबंस, शिव कुमार साहू ,गणेश राम मांझी, लोकेंद्र कुमार कश्यप आदि के अलावा जांजगीर चांपा एवं सक्ती जिला के अलावा प्रदेश के कई जिलों से आए नेता एवं कार्यकर्ता गण हजारों की संख्या में मौजूद थे।


