सक्ती

बहनोई के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा एवं जुर्माना

बहनोई के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा एवं जुर्माना kshititech
बहनोई के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा एवं जुर्माना kshititech

सक्ती – अभियोजन का प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डभरा के वार्ड ब्वाय मनहरणलाल पटेल द्वारा मृतक अशोक चंद्रा की ईलाज के दौरान मृत्यु होने की सूचना थाना डभरा में पेश किये जाने पर उक्त संबंध में मर्ग कमांक 30/2025 पंजीबध्द किया गया मर्ग जांच के दौरान पाया गया कि घटना दिनांक 03.05. 2025 को रात्रि करीबन 8.00 9.00 बजे रामेश्वर चंद्रा एवं उसका दोस्त सीला कहरा द्वारा मृतक अशोक उर्फ दिलीप चंद्रा को गांव के ही अमरईया खार में ले जाकर बेल्ट और नीम के झाड़ के सोंटा से मारपीट किये जाने से उसकी मृत्यु हो गयी है। उपरोक्त घटना के संबंध में विवेचना के दौरान पाया गया कि प्रकरण के मृतक अशोक चंद्रा का विवाह ग्राम फरसवानी के ईश्वरी चंद्रा के साथ सन् 2011 में होने के बाद मृतक अशोक उर्फ दिलीप अपनी पत्नी ईश्वरी को मारपीट कर घर से निकाल देता था। घटना के एक माह पूर्व भी मृतक की पत्नी अपने पति के मारपीट से तंग आकर अपने मायके में रह रही थी तभी घटना दिनांक 03.05.2025 को रात्रि करीबन 8-9 बजे मृतक ग्राम फरसवानी आकर अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर रहा था, जिस कारण मृतक की पत्नी का भाई रामेश्वर चंद्रा तथा उसका दोस्त सीला कहरा अपनी बहन के साथ मारपीट करने की बात को लेकर मृतक अशोक चंद्रा को गांव के ही अमरईया खार में ले जाकर उसे बेल्ट और नीम के झाड़ के सोंटा से मारपीट किये जिससे उसे इलाज हेतु डभरा हास्पिटल ले जाने पर उसकी मृत्यु हो गयी। इस प्रकार आरोपीगण रामेश्वर चंद्रा व उसके साथी सीला कहरा द्वारा मृतक अशोक चंद्रा को बेल्ट व नीम झाड़ का सोंटा से मारकर प्राण घातक चोंट पहुंचाकर हत्या करना पाये जाने पर आरोपीगण के विरूध्द 103 (1), 3 (5), भान्यासं के अंतर्गत अ. कं. 138/2025 पंजीबध्द कर विवेचना प्रारंभ की गयी।
विवेचना के दौरान आरोपीगण मेमोरेण्डम कथन दर्ज कर उसके आधार पर जप्ती पत्रक के अनुसार जप्ती की कार्यवाही की गयी। घटनास्थल का मौका नक्शा तैयार किया गया, पटवारी नक्शा तैयार किया गया। अपराध सबूत पाये जाने पर आरोपीगण को विधिवत् गिरफतार किया गया। प्रकरण में अभियोग पत्र माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायालय सक्ती में पेश किया गया। अभियोजन द्वारा अपने पक्ष में 23 अभियोजन साक्षियों का कथन कराया गया संपूर्ण अभियोजन साक्षियो के कथन उपरांत प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सक्ती प्रशान्त कुमार शिवहरे ने अपने निर्णय दिनांक 15.05.2026 को आरोपी रामेश्वर चंद्रा पिता बोधीराम साकिन ग्राम फरसवानी थाना डभरा एवं आरोपी सीलाराम कहरा पिता दूजेराम कहरा निवासी फरसवानी था डभरा को भान्यायसं की धारा 103 (1) सहपठित धारा 3(5) के अपराध में दोषसिध्द पाते हुये आजीवन कारावास की सजा एवं कमशः रूपये 1000/- 1000/- के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है अर्थदण्ड की राशि के व्यतिकम किये जाने की दशा में आरोपीगण को कमशः 06-06 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास पृथक से भुगताया जाये पूर्व में भी उक्त आरोपी रामेश्वर चंद्रा अपने पिता के हत्या के अपराध में जेल जा चुका है। अभियोजन पक्ष की ओर से उदय कुमार वर्मा अतिरिक्त लोक अभियोजक सक्ती ने पैरवी किया।