आरोपीगण को आजीवन कारावास की सजा

विशेष न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) का फैसला
सक्ती – प्रार्थीया थाना डभरा उपस्थित होकर लिखित शिकायत प्रस्तुत का इस आशय का रिपोर्ट दर्ज कराई की वह कक्षा दसवीं की छात्रा है 2024 -25 में कक्षा नवमी की परीक्षा दिलाई थी उसके बाद गर्मी छुट्टी होने पर घर में थी दिनांक 11.4.2025 को कोटमी गई थी वहां से अपने घर आ रही थी दोपहर 3:00 बजे कांसा कटौद के धान मंडी के पास पहुंची थी तब ग्राम कांसा का धीरज चंद्रा रास्ते में मिला जिसे वह पहले से जानती थी मंडी के तरफ चलने को बोला तब उसने जाने से मना कर दिया तब धीरज ने उसके हाथ को पकड़कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास कर रहा था उसी समय गांव के रोशन साहू और कन्हैया यादव पहुंच गए और वीडियो बनाने लगे तब धीरज भाग गया मैं घर आ गई। दिनांक 12.4.2025 को वह घर में थी उसके माता पिता प्रधान मंत्री आवास के तहत अपने घर का निर्माण कर रहे थे दादा और दादी खेत गए थे उनको खाना पहुंचाने खेत साइकल से गई थी वापस आने पर रास्ते बंधा नवा तालाब के पास धीरज चंद्रा मिला और जबरदस्ती उसके हाथ को पकड़कर जबरदस्ती खींचते हुए झाड़ी के पास ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाया तुरंन्त बाद रोशन साहू और कन्हैया यादव दोनों आए बोले कि तुम्हारी और धीरज का संबंध बनाते समय का वीडियो को वायरल कर देंगे बोलकर रोशन साहू ने जबरन वहीं शारीरिक संबंध बनाया जिसका वीडियो कन्हैया यादव बना रहा था घटना के बारे मे किसी को बताने पर मारपीट का धमकी दिया डर के मारे घटना के संबंध में किसी को कुछ नहीं बताई दिनांक 9.9.2025 को घटना का विडियो संजयचंद्रा ने मोबाइल पर देखा तब पीड़िता के घर आकर उसके दादा दादी को बताया उसके बाद मेरे द्वारा घटना के संबंध मे बताते जाने पर दिनांक 10.9.2025 को अपने माता पिता के साथ रिपोर्ट दर्ज करने आई। पीड़िता के द्वारा लिखित रिपोर्ट दर्ज कराने के आधार पर आरोपी गण धीरज चंद्रा, रोशन साहू और कन्हैया यादव के खिलाफ थाना डभरा के अपराध क्रमांक 301/2025अंतर्गत धारा 65(1),70(2),61,3(5) बी.एन.एस.धारा , धारा 4 पॉक्सो एवं धारा 67(बी) आई टी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लेकर पीड़िता का धारा 180 बी एन एस का कथन मालखरौदा के न्यायलय में करवाया गया, पीड़िता का डाक्टरी परीक्षण करवाया गया, उम्र के संबंध में दाखिल ख़ारिज रजिस्टर और तातीमा पंजी जप्त किया गया जिसके आधार पर पीड़िता नाबालिग पाई गई आरोपी गण को विधिवत गिरफ्तार कर गवाहों का कथन कराया गया विवेचना पूर्ण होने के पश्चात मामला संबंधित न्यायलय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन द्वारा माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफ. टी.सी) में 15 साक्षियों के कथन कराया गया जिनके कथनों के आधार पर आरोपी गण के खिलाफ मामला प्रमाणित पाए जाने पर माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (एफ टी सी) कुमारी पुष्पलता मारकंडे के द्वारा आरोपीय गण रोशन साहू एवं कन्हैया लाल यादव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 70(2), 61 एवं सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008 की धारा67(बी) एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4 के अपराध में दोष सिद्ध पाते हुए दिनांक 28.04. 2026 को आरोपी गण रोशन साहू और कन्हैया यादव को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 70(2), के अंतर्गत आजीवन कारावास एवम् 20,000 रुपए जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा, भारतीय न्याय संहिता 2030 की धारा 61 के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास ₹5000रुपए जुर्माना, जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास एवं सूचना प्रौद्योगिकी की संशोधन अधिनियम 2008 की धारा 67(बी) के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹10000 रुपए की जुर्माना, जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में 5 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा का आदेश पारित किया गया है। अभियोजन की ओर से श्री मुन्ना पटेल विशेष लोक अभियोजक ( पॉस्को ) ने पैरवी किया है।


