कलेक्टर ने किसानों से की अपील: एग्रीस्टेक पोर्टल में लंबित खसरों का शीघ्र पंजीयन कराएं

15 जून से पहले छूटे हुए खसरों का पंजीयन कराना किसानों के लिए अनिवार्य
सक्ती – राज्य में एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत सभी कृषि भूमि धारकों का कृषि भूमि पहचान पत्र (फार्म आईडी) एवं कृषक पहचान पत्र (फार्मर आईडी) तैयार किया जा रहा है। किन्तु कुछ श्रेणी के कृषकों के अभिलेख राजस्व अभिलेखों एवं भूईयां रिकॉर्ड में समुचित रूप से अद्यतन नहीं होने के कारण संबंधित किसानों के फार्म आईडी, फार्मर आईडी जारी होने तथा लैंड बॅकेटिंग में समस्या उत्पन्न हो रही है। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा एग्रीस्टेक के ऑथोराइजेशन मॉड्यूल के माध्यम से पंजीयन सुनिश्चित करने हेतु तहसीलदार को सक्षम अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला सक्ती में एग्रीस्टेक पंजीयन के लिए विभिन्न श्रेणियों के कृषकों के लंबित खसरों का पंजीयन किया जाना है। इनमें वन अधिकार पट्टाधारी कृषक के 54, ग्राम कोटवार के 269, डुबान पट्टाधारी के 0, संस्थागत पंजीयन के 55, शासकीय पट्टेदार के 715 तथा रेगहा व अधिया श्रेणी के 44 खसरे शामिल हैं। जिले में कुल 1137 खसरों का पंजीयन लंबित है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने जिले के सभी कृषकों से अपील की है कि वे 15 जून 2026 के पूर्व लोक सेवा केंद्र अथवा स्वयं अपने मोबाइल के माध्यम से एग्रीस्टेक पोर्टल में अपने छूटे हुए खसरों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं, जिससे आगामी खरीफ सत्र में खाद, बीज एवं धान खरीदी व बिक्री से संबंधित किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना किसानों को नहीं करना पड़े।


