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आदि शक्ति मां सारंगढ़हीन देवी मंदिर नंदौरकला में नवरात्रि की धूम

आदि शक्ति मां सारंगढ़हीन देवी मंदिर नंदौरकला में नवरात्रि की धूम kshititech

सक्ती- शक्ति जागरण के पर्व नवरात्रि के दरमियान श्रद्धालुजन जगत जननी जगदंबा भवानी की साधना- आराधना के साथ  मनोकामना पूर्ति की आस लेकर जिले के प्राचीन मंदिर मां चंद्रहासिनी (चंद्रपुर), मां अष्टभुजी (अडभार) के साथ अब मां वैष्णो देवी (उल्दा) के दरबार में पदयात्रा करते हुए माथा टेकने पहुंचते हैं जबकि सक्ती नगर से मात्र 7 किलोमीटर की दूरी पर नरवरगढ़ (नंदौर कला) का प्राचीन आदि शक्ति मां सारंगढ़हीन देवी मंदिर आज भी अंचल के लोगों की नजर से ओझल है, यह बात आज मातारानी के दरबार में दर्शन करने पहुंचे राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग (विधि) के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने बताते हुए कहा कि नरवरगढ़ (नंदौर कला) को 6-7 वीं के मध्यकाल में तत्कालीन राजा ढोला मारू ने बसाया था तथा जो नरवरगढ़ से अब नंदौरकला के नाम से जाना जाता है तब इस गढ़ की सुरक्षा हेतु चारों ओर खाई थी जो हमेशा जल से भरा रहता था  है पर अब समय बीतने के साथ खाई मात्र 4 फुट ही रह गया है।
इस संबंध में नन्दौर कला निवासी सेवानिवृत प्राचार्य रूपनारायण राठौर ने बताया कि गढ़ के बीच में राजा का महल स्थित था एवं महल के चारों ओर सुरक्षा हेतु गहरी खाई थी जो आज नन्दौर कला एवं नन्दौर खुर्द के बीच सीमा रेखा के रूप में दृष्टव्य है।
मां सारंगढ़हीन मंदिर परिसर के विकास के लिए प्रयासरत जनपद पंचायत सक्ती के पूर्व अध्यक्ष राजेश राठौर ने बताया कि भारतीय पुरातत्व विभाग में भी इसका परिचय मिलता है कि गढ़ के पश्चिम दिशा की ओर ऐतिहासिक शिव मंदिर है जिसका निर्माण छठवीं- सातवीं शताब्दी के मध्य में हुआ था जिसे महासमुंद जिले के सिरपुर मंदिर के समकालीन माना जाता है, उन्होंने आगे बताया कि सक्ती अंचल के इस प्राचीन देवी मंदिर के जीर्णोद्धार 2007 में कराया गया जो अब हरे भरे वृक्षों से आच्छादित एवं नहर तट पर अवस्थित आदि शक्ति मां सारंगढ़हीन देवी मंदिर अंचल के ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के आस्था का केंद्र बना हुआ है जहां इस साल करीब 300 अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित किया गया है तथा आचार्य केशरी प्रसाद पांडे के द्वारा नवरात्र पूजन आरती किया जा रहा है तो वहीं 2006 से  बैगा दल साय निषाद के साथ राधे केवट एवं श्रीराम कुर्रे के द्वारा मंदिर के देख-रेख के साथ माता सेवा की जा रही है तो वहीं नवरात्रि में प्रतिदिन  सारंगढ़हीन माता सेवा संस्थान के द्वारा प्रतिदिन भंडारा महाप्रसाद का वितरण किया जा रहा है।
विदित हो कि महानवमी -मंगलवार को अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद जिला सक्ती परिवार आदि शक्ति मां सारंगढ़हीन देवी मंदिर परिसर में कन्या पूजन के साथ भोज कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।