किसी भी उत्सव, समारोह एवं खेल में नकली नोटों पर राष्ट्रपिता के चित्र का दुरुपयोग ना किया जाए – आचार्य राजेंद्र शर्मा जी


सक्ती – आज दिनांक 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता श्री महात्मा गांधी जी के जन्म जयंती के अवसर पर भागवत किरीट छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध आचार्य श्री राजेंद्र शर्मा जी ने रायपुर के एक समारोह के अवसर पर उन्होंने कहा कि आज हमारे देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का जन्मदिन हम सभी 2 अक्टूबर को मना रहे हैं । कई संगठनों के द्वारा आज अनेक अभियान और समारोह के रूप में कार्यक्रम संपन्न होते हैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के हमारे देश के लिए योगदान और स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए आंदोलन बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है , जिसका साक्षी हमारा इतिहास और स्वतंत्रता प्राप्ति की गौरव गाथा है । परंतु आज भी इस बात की बड़ी विडंबना है , कि — शादी ब्याह और अन्य भी उत्सव में जब लोग बड़ी मस्ती के साथ फटाका फोड़ते हैं तो उसके भीतर से राष्ट्रपति महात्मा गांधी जी का फोटो नकली नोट के साथ निकालकर बिखर जाता है , बाद में कचरे के ढेर में पड़ा दिखाई देता है । वहीं दूसरी ओर नकली नोट बनाने वाले कंपनियां बच्चों के मनोरंजन बैंक हेतु राष्ट्रपिता जी के फोटो का उपयोग नकली नोट में करते हैं । यह बड़ा ही दुर्भाग्य है,भागवत प्रवाह आध्यात्मिक सेवा संस्थान छत्तीसगढ़ के संस्थापक और अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र महाराज ने इस निंदित कार्य के लिए ध्यान आकर्षित करते हुए आग्रह किया है , कि हम सभी भारतीय नागरिकों को तथा देश और प्रदेश के सभी जिम्मेदार मंत्रियों और नेताओं तथा बड़े स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले जिनके हाथ में प्रशासन और शासन का बागडोर है , उन्हें सतर्क होकर ध्यान देने की निश्चित ही आवश्यकता है — कि राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद जी गांधी, जिनके लिए संपूर्ण देश आस्था भरे भाव से सम्मान करता है , उनके चित्र अथवा फोटो का किसी भी तरह से अपमान ना हो । ऐसा करना हम सभी के लिए , सकारात्मक कदम होगा और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के लिए एक सम्मान और उनका जयंती मनाना भी महत्वपूर्ण समझ जाएगा । किसी भी उत्सव या समारोह तथा नकली नोटों में राष्ट्रपिता के चित्र का दुरुपयोग ना किया जाए तथा बच्चों के नकली नोटों के खेल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का फोटो उपयोग में ना लाया जावे इसके ऊपर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए या हमारे राष्ट्र के मान सम्मान का विषय है इसे हम सभी भारतीयों को निष्ठा पूर्वक अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए यह देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है । इस विषय पर सभी प्रशासनिक एवं राजनीतिक व्यक्तियों के लिए भी सोचने का विषय है इस पर गंभीरता पूर्वक विचार का निर्णय लेना आवश्यक है ।
