सक्ती

सुशासन तिहार में लापरवाही पर प्रशासन सख्त : कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सख्त चेतावनी

समय से पूर्व शिविर छोड़ने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

सक्ती –  जिले में आयोजित सुशासन तिहार 2026 को आम जनता के लिए अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे शिविर स्थल पर कार्यालयीन समय तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें तथा आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें।
              कलेक्टर तोपनो ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन और आम जनता के बीच सीधे संवाद, विश्वास और समाधान का सशक्त माध्यम है। शासन की मंशा है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं गांवों और शिविर स्थलों तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुने और मौके पर ही निराकरण की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में आने वाले प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, किसान हितग्राही योजनाएं, बिहान समूह एवं स्वरोजगार योजनाओं सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि पात्र हितग्राही अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा समय से पूर्व शिविर छोड़ना अथवा जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही बरतना स्वीकार्य नहीं होगा। सभी अधिकारियों को शिविर की समाप्ति तक उपस्थित रहकर समस्या निराकरण प्रक्रिया की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि विकास खण्ड डभरा अंतर्गत ग्राम जवाली में आयोजित शिविर के दौरान कुछ अधिकारियों द्वारा कार्यालयीन समय से पूर्व शिविर स्थल छोड़ने संबंधी जानकारी प्राप्त हुई है, जिसे जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे सुशासन तिहार को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले अभियान के रूप में लेते हुए पूर्ण जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल औपचारिक उपस्थिति तक सीमित न रहें, बल्कि आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना तथा लोगों में शासन के प्रति विश्वास और संतुष्टि का भाव मजबूत करना है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों और शिकायतों के निराकरण की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।