NHRSJC, ABAP और कलिंगा का साइबर लॉ पर संयुक्त कार्यशाला हुई संपन्न कहा डिजिटल अरेस्ट का कोई कानून नहीं, साइबर फ्रॉड से रहे सतर्क





वर्तमान समय में व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो कॉल से भी लोगों को ब्लैकमेलिंग करने का काम चल रहा है
सावधान रहें, लालच से बचें क्योंकि कोई भी आपको मुफ्त में कुछ नहीं देता – प्रफुल्ल ठाकुर एस पी
सक्ती । सक्ती जिले के राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग लीगल सेल के प्रदेश अध्यक्ष उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने 5 अप्रैल को जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभागार में साइबर फ्रॉड एवं डिजीटल साक्ष्य पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में जहां कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रमुख विशेषज्ञ मौजूद रहे तो वहीं जिला पुलिस सक्ती के भी अधिकारी कर्मचारी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वीणा वादिनी मां सरस्वती के तेल चित्र पर दीप प्रज्वलन कर एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। तत्पश्चात कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन देते हुए आयोजक एडवोकेट चितरंजय प्रसाद पटेल ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर फ्रॉड की बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए जागरूकता की नितांत आवश्यकता है जिसे देखते हुए आज इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। एवं इस कार्यशाला में पधारे सभी सम्माननीय अतिथियों का मैं स्वागत करता हूं। वही कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि की आसंदी से सक्ती जिले के जिला पुलिस अधीक्षक आईपीएस प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर फ्रॉड की घटनाओं को देखते हुए हमारी सतर्कता ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है। डिजिटल दुनिया में जहां इसकी अच्छाइयां भी हैं तो बुराइयां भी हैं। हमें अच्छाइयों को ग्रहण करते हुए बुराइयों से बचकर रहना है एवं डिजिटल अरेस्ट का कोई कानून नहीं होता लेकिन आज सोशल मीडिया के माध्यम से लोग़ डिजिटल अरेस्ट की बात कहते हुए लाखों- करोड़ों रुपए की ठगी का शिकार हो रहे हैं तथा इस ठगी का शिकार विशेष कर सीनियर सिटीजन एवं सेवानिवृत होने वाले अधिकारी- कर्मचारी होते हैं हमें भी इन सबसे बचना है। एसपी साहब ने कहा कि कभी भी कोई भी सरकारी संस्था ऑनलाइन फॉर्मेलिटी करने को नहीं कहती। किंतु ऐसा यदि कोई आपको कहता है तो निश्चित रूप से वह आपके साथ साइबर फ्रॉड कर रहा है एवं वर्तमान समय में व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो कॉल से भी लोगों को ब्लैकमेलिंग करने का काम चल रहा है। हमें ऐसे अनजाने वीडियो कॉल को अटेंड नहीं करना चाहिए तथा इन वीडियो कॉल से बचें। हमें और अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है। एसपी साहब ने विगत दिनों कानपुर से पकड़कर लाए गए साइबर मामले के आरोपी अंकित तिवारी के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एवं आभार प्रदर्शन करते हुए कलिंगा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ श्रीधर ने कहा कि एक संस्था ही दूसरे संस्था को डाटा उपलब्ध करवाती है एवं सबसे ज्यादा फ्रॉड दुनिया के कंबोडिया से किया जा रहा है तथा कंबोडिया में घर-घर में लोग ऐसे फ्रॉड के काम में जुटे हुए हैं। डॉक्टर आर श्रीधर ने कहा कि साइबर घटनाए दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं तथा साइबर अपराधों के लिए समय-समय पर कानून में संशोधन भी हो रहा है। किंतु इन कानूनो में संशोधन के बावजूद हमारी सतर्कता- सावधानी ही हमारा बचाव है एवं हम सतर्क रहें-सावधान रहें। तभी साइबर अपराधों से बच सकते हैं। एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर के साइबर विशेषज्ञ ने बताया कि साइबर अपराधों को लेकर भारत में काफी बदलाव आया है एवं कानून को भी इतना स्ट्रांग बनाया गया है। किंतु साइबर अपराधियों के अपराध करने के अलग-अलग नए-नए तरीकों के चलते हम इस डिजिटल दुनिया में कहीं ना कहीं हम इसके शिकार हो जाते हैं। किंतु हम सभी को इसके लिए सावधान रहना चाहिए तथा सोशल मीडिया में लगातार हम सक्रिय रहे एवं अपने सोशल मीडिया अकाउंट को टू स्टेप वेरिफिकेशन कर रखें तथा विधि विशेषज्ञों ने देश में साइबर फ्रॉड के क्षेत्र में आज पर्यंत तक हुए महत्वपूर्ण मामलों का भी विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए उपस्थित लोगों को अवगत कराया। तथा बताया कि इन मामलों में संबंधित न्यायालय द्वारा जो आदेश दिए गए हैं उनके फैसले से हमें अच्छी तरह से अवगत होना एक बहुत बड़ी जागरूकता है। किस तरह से साइबर अपराधी अपना काम कर सफल हो जाते हैं। ऐसे में हमको अपना बचाव करना चाहिए
प्रश्न उत्तर सुझाव सत्र का भी आयोजन किया गया जिसमें कार्यशाला में उपस्थित अधिवक्तागण, मीडिया के साथी, आम नागरिकों एवं पुलिस प्रशासन के भी अधिकारी- कर्मचारियों ने उपस्थित साइबर विधि विशेषज्ञों से साइबर अपराधों को लेकर अपनी जिज्ञासा प्रकट की तथा विभिन्न मामलों पर उनसे जानकारियां भी ली।
जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने साइबर फ्रॉड एवं डिजिटल साक्ष्य पर आयोजित कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता चितरंजन पटेल का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कहा कि श्री पटेल जी के द्वारा वर्तमान में ज्वलंत विषय पर इतनी सुंदर कार्यशाला का आयोजन किया गया है। निश्चित रूप से यह एक अच्छा प्रयास है।
व्याख्यान माला में कलिंगा विश्वविद्यालय के कुमारी चिकीता मल्होत्रा ने साइबर लॉ पर चर्चा किया तो वहीं डा सव्यसाची पाण्डेय ने डिजिटल एविडेंस की स्वीकार्यता पर चर्चा करते हुए साइबर लॉ के प्रावधानों पर विस्तार से बात रखते हुए साइबर मामलों में पुलिस विवेचना की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन NHRSJC के जिला अध्यक्ष महेंद्र बरेठ तथा अतिथियों का तिलक चंदन से स्वागत जिला अध्यक्ष (महिला सेल) कांता यादव ने किया।
आज मंचासिन अतिथियों का स्वागत अधिवक्त गनी मोहम्मद , वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया गोयल, छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट एसोसियेशन के बजरंग अग्रवाल, अशासकीय विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष दुलीचंद साहू,अधिवक्ता परिषद के जिला महामंत्री विजय चंद्रा, तहसील अध्यक्ष मालिक राम यादव, कलिंगा विश्वविद्यालय के असिस्टेंट मैनेजर मोहम्मद तौकिर तथा साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक कंवर आदि ने पुष्पगुच्छ भेंटकर किया तो समापन पर कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के द्वारा मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, डिप्टी कलेक्टर रूपेंद्र पटेल, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस डॉ भुनेश्वरी पैकरा को स्मृतिचिन्ह भेंट किया गया।
आज व्याख्यान माला में जिले भर से पुलिस थानों से विवेचना अधिकारी, पत्रकार, अधिवक्ता, मानवाधिकार कार्यकर्ता, विद्यालय प्रबंधक आदि समाज के जागरूक लोगों की उपस्थिति रही ।


