सक्ती

NHRSJC ने बंदियों को राखी बांध मनाया रक्षा बंधन

रक्षाबंधन आत्म विश्लेषण, प्रायश्चित के साथ नव जीवन के लिए शुभ संकल्प का पर्व

सक्ती-  रक्षाबंधन भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व ही नहीं, बल्कि यह आपके लिए आत्मविश्लेषण, प्रायश्चित और नए जीवन की शुरुआत करने का भी दिन है, यह बात बताते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने उप जेल में विचाराधीन बंदियों से कहा कि जैसे हर अंधेरी रात के बाद एक नई सुबह है वैसे ही इन सलाखों के पीछे भी उम्मीद की एक वजह है जिसमें आपके  परिवार, मित्र और समाज के लोग आपसे अच्छे जीवन की आस लगाए आपके सुनहरे भविष्य की दुआ कर रहे हैं। आज NHRSJC महिला सेल जिलाध्यक्ष
कांता यादव के अगुवाई और जिलाध्यक्ष महेंद्र बरेठ के मार्गदर्शन में उप जेल सक्ती में बंदियों को राखी बांध कर उन्हें रक्षाबंधन की बधाई देते हुए शीघ्र समाज की मुख्य धारा में वापसी की कामना किया। रक्षाबंधन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं जेल परिवार के लोगों के साथ विचाराधीन बंदियों को राखी बांध कर किया गया तो वहीं इस आयोजन को सफल बनाने में महिला सेल की प्रदेश सचिव राजकुमारी चंद्रा, फागूलाल कुर्रे, प्रेमलाल गबेल, मांडवी साहू, रेवती नंदन पटेल, बैजन्ती चौहान, भुनेश्वरी गबेल, धनेश्वरी सिदार, मीडिया से राम अवतार साहू, संतोष कर्ष,महेंद्र कर्ष आदि पदाधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही।