विधानसभा क्षेत्र जैजैपुर के अंतर्गत ग्राम बसंतपुर – किकिरदा मुख्य मार्ग का मामला

बसंतपुर – किकिरदा से चिस्दा, परसदा होते हुए घोघरी मुख्य मार्ग बदहाल

सक्ती /बिर्रा- विधानसभा क्षेत्र जैजैपुर के अंतर्गत ग्राम बसंतपुर – किकिरदा से चिस्दा – परसदा होते हुए घोघरी तक मुख्य मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इस मुख्य मार्ग में एक हजार से अधिक बड़े-बड़े जानलेवा नुमा गड्ढा बन गया है। इस मुख्य मार्ग में बने बड़े-बड़े जानलेवा नुमा गड्ढे में मोटरसाइकिल सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं, इसके बावजूद भी जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मरम्मत नहीं करा रहे हैं। जिसके कारण इस मुख्य मार्ग में रोजाना चलने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को बेवजह भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि विधानसभा क्षेत्र जैजैपुर के अंतर्गत ग्राम बसंतपुर – किकिरदा से चिस्दा – परसदा होते हुए घोघरी तक मुख्य मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इस मुख्य मार्ग में एक हजार से अधिक बड़े-बड़े जानलेवा नुमा गड्ढा बन गया है। इस मुख्य मार्ग में बने बड़े-बड़े जानलेवा नुमा गड्ढे में मोटरसाइकिल सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं, इसके बावजूद भी जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मरम्मत नहीं करा रहे हैं। बल्कि जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग संभाग चांपा के अधिकारी आवश्यक मरम्मत करवाने के बजाय कुर्सी में बैठकर अपने कार्यालय की शोभा बढ़ा रहे हैं। जिसके कारण इस मुख्य मार्ग में रोजाना चलने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को बेवजह भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम बसंतपुर के बस स्टैंड चौक पर एक बड़ा गड्ढा हो गया है जिसमें आए दिन मोटरसाइकिल सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इतना ही नहीं यह सड़क टु लेन बनाया गया है। लेकिन बसंतपुर चौक में सड़क उचित रखरखाव के अभाव में वन लेन दिखाई पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त बसंतपुर और किकिरदा की दूरी महज 2 किलोमीटर है। लेकिन इस 2 किलोमीटर की दूरी में 200 बड़े-बड़े जानलेवा नुमा गड्ढे बन गया है। किकिरदा के बस स्टैंड चौक के पास में यह मुख्य मार्ग नहर नाला में तब्दील हो गया है। मानो ऐसा लग रहा है कि नहर नाला के मध्य में सड़क थोड़ा सा दिखाई दे रहा है। इसके अतिरिक्त बहुत बड़े जानलेवा नुमा गड्ढा बन गया है। इस गड्ढे में कई मोटरसाइकिल सवार गिरकर चोटिल हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से इस मुख्य मार्ग पर बने बहुत बड़े जानलेवा नुमा गड्ढा में लाल रंग का झंडा लगा दिया गया है। फिर भी मोटरसाइकिल सवार सामने से आ रही वाहनों को साइड देने के चक्कर में इस गड्ढा में जाकर बार-बार गिरने से चोटिल हो रहे हैं। अगर ग्रामीणों की माने तो कई बार स्थानीय ग्रामीणों की मदद से हादसे में शिकार लोगों को अस्पताल तक ले जाया जा चुका है। किकिरदा से करही मात्र 2 से 3 किलोमीटर है लेकिन यहां भी 200 से 300 गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। इसी तरह करही से देवरीमठ, झरप (नगारीडीह) पेंड्री एवं चिस्दा और परसदा, अमोदा ,नरियरा, मिरौनी देवगांव , रनपोटा आदि गांव में भी मुख्य मार्ग पर अनगिनत जगह-जगह जानलेवा नुमा बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई पड़ रहे हैं। इसके बावजूद भी जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सड़क का मरम्मत नहीं करा रहे हैं। जिसके कारण इस मार्ग में चलने वाले राहगीरों एवं मोटरसाइकिल और भारी वाहनों के चालकों को बेवजह भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बहरहाल कारण चाहे जो भी हो लेकिन ग्राम बसंतपुर – किकिरदा से चिस्दा – परसदा होते हुए घोघरी तक मुख्य मार्ग की हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई है। जिसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

