सक्ती

वर्षा के हर बूंद का संरक्षण वक्त की जरूरत – नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री

आलेख/ अधिवक्ता चितरंजय पटेल – मेघालय में परंपरागत  रूट ब्रिज अर्थात रबड़ की जड़ों से बनी निर्मित जीवित सेतु का संरक्षण मौलिकता और नवाचार के अदभुत समागम के साथ एक अभिनव प्रयास है, यह बात बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात में रूट ब्रिज के संरक्षण के लिए सतत प्रयत्नशील मेघालय के पद्मश्री बेली का जिक्र किया तो वहीं जल संरक्षण की महत्ता पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्षा के एक_एक बूंद का संरक्षण आज वक्त की जरूरत है और हर नागरिक का कर्तव्य है तभी हम वैश्विक जल संकट के इस काल से उबर पाएंगे।
प्रधानमंत्री ने खेती में जैविक खाद के उपयोग पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जन-जन के सहयोग से ही सशक्त राष्ट्र निर्माण संभव है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक पेट्रोलियम संकट के दौर में वाहनों के सामूहिक और सीमित उपयोग की बात करते हुए स्वर्ण खरीदी पर  नियंत्रण हमारे विदेशी मुद्रा कोष की स्थिति को मजबूत बनाने की दृष्टि से सकारात्मक पहल साबित होगा।
आज मन की बात के 135 वें संस्करण का श्रवण करने बाद उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के मन की बात भारत के प्राचीन संस्कृति, परंपरा के साथ आधुनिक नवाचारों का अद्भुत समागम होता है जहां हर संस्करण हमें जीवन में एक नई दिशा एवं प्रेरणा दे जाता है।