निजी उर्वरक व्यापारियों पर कृषि विभाग की कार्यवाही

कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्ती, बिना नवीनीकरण उर्वरक व्यापार करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्यवाही

सक्ती – कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन एवं उप संचालक कृषि तरुण कुमार प्रधान के मार्गदर्शन में किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त खाद, बीज एवं कीटनाशक उपलब्ध कराने तथा नकली खाद निर्माण, खाद की कालाबाजारी एवं अधिक कीमत पर बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से विगत दिवस जिला स्तरीय एवं विकासखंड स्तरीय टीम द्वारा निजी उर्वरक व्यापारियों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मेसर्स कमल खाद भंडार, प्रोपराइटर फुलसाय राठौर, ग्राम नंदौरकला तथा मेसर्स अजय कृषि केन्द्र, प्रोपराइटर अजय बहादुर सिंह राठौर, ग्राम नंदौरकला, विकासखंड सक्ती में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में पाया गया कि दोनों प्रतिष्ठानों द्वारा प्राधिकार प्रमाण पत्र की अवधि समाप्त होने के बाद बिना नवीनीकरण के उर्वरकों का व्यापार किया जा रहा था। इस पर उपलब्ध उर्वरकों को जब्त कर संबंधित फर्म संचालकों की सुपुर्दगी में रखा गया। मेसर्स कमल खाद भंडार के गोदाम से 20:20:0:13 उर्वरक की 120 बोरी, पोटाश की 10 बोरी, यूरिया की 3 बोरी तथा जिंकेटेड एसएसपी की 3 बोरी सहित कुल 136 बोरी बरामद की गई। वहीं मेसर्स अजय कृषि केन्द्र के गोदाम से एसएसपी पाउडर की 50 बोरी, एसएसपी दानेदार की 39 बोरी, 20:20:0:13 की 40 बोरी, पोटाश की 4 बोरी तथा यूरिया की 70 बोरी सहित कुल 203 बोरी खाद बरामद हुई। जब्त सामग्री को कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। निरीक्षण दल द्वारा यह भी पाया गया कि फर्म संचालकों द्वारा स्टॉक पंजी का समुचित संधारण नहीं किया जा रहा था तथा किसानों को दिए जाने वाले बिलों में आवश्यक हस्ताक्षर नहीं कराए जा रहे थे। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में किसानों को उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्तायुक्त खाद, बीज एवं कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए विकासखंडों में कार्यरत उर्वरक एवं कीटनाशी निरीक्षकों को निजी व्यापारियों के प्रतिष्ठानों का सतत निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।



