कागज़ों में आए लाखों… ज़मीन स्तर पर गायब! कोटेतरा पंचायत में फंड अटकने से मचा हड़कंप


सक्ती- ग्राम पंचायत कोटेतरा जनपद पंचायत जैजैपुर में विकास के नाम 15 वे वित्त आयोग टाइट अनटाइट की लाखों रुपये की राशि कागज़ों में तो जारी हो गई, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पंचायत खाते में पैसा नहीं पहुंचने से विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। 4.85 लाख रुपये का फंड हवा में लटक गया। 15वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2024-25 की पहली किस्त में 2,91,014 रुपये अनटाइड फंड, 1,94,010 रुपये टाइड फंड का है। कुल 4,85,024 की राशि जारी हो चुकी है लेकिन पंचायत के खाते में एक रुपया भी नहीं पहुंचा।
सरपंच ने खोली पोल, मच गया हड़कंप:
ग्राम पंचायत की सरपंच सुनीता रमेश साहू ने इस पूरे मामले की शिकायत कर विभागीय सिस्टम की पोल खोल दी। उन्होंने साफ कहा कि पैसा नहीं मिलने से गांव के जरूरी विकास कार्य अधर में लटक गए हैं।
अब विभाग एक्शन मोड में
पंचायत संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सक्ती के अधिकारियों को तुरंत जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल:
जब पैसा राज्य से जिला स्तर तक पहुंच गया, तो फिर पंचायत तक आते-आते कहां गायब हो गया?, क्या यह सिर्फ तकनीकी गलती है या फिर किसी बड़ी लापरवाही या खेल का संकेत।
ग्रामीणों में गुस्सा, जवाब का इंतजार
गांव के लोगों का कहना है कि सड़क, नाली, पानी जैसे जरूरी काम रुके पड़े हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। लेकिन आज पर्यंत तक पत्र बाजी हो रही है लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा संज्ञान नही लिया जा रहा है जो समझ से परे हुए है यह मामला किसकी गलती की खामियाजा ग्राम पंचायत भुगत रही है जबकि केंद्र सरकार द्वारा राशि भेजे गए अगर वापस हुए है तो क्या सिस्टम से बाहर तो नही होगा कही न कही पर राशि होगा ही लेकिन सभी पल्ला झाड़ रहे है अगर समय रहते सच्चाई सामने नहीं आई, तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है। आने वाले दिनों में इस फंड गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई संभव है।


