मां चंद्रहासिनी देवी धाम चंद्रपुर में श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ नवरात्रि महापर्व, टूटा श्रद्धालुओं की भीड़ का रिकॉर्ड

माता की भव्य चुनरी यात्रा और रास-गरबा रहे विशेष आकर्षण का केंद्र, रोशनी से जगमगा उठा पूरा चंद्रपुर शहर

सक्ती – छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठों में शुमार मां चंद्रहासिनी देवी मंदिर चंद्रपुर में इस वर्ष नवरात्रि का पावन महापर्व अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस साल नवरात्रि के दौरान चंद्रपुर में देवी भक्तों की भीड़ के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए। नवरात्रि के प्रथम दिन से लेकर अंतिम दिन तक लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने मां चंद्रहासिनी के दरबार में पहुंचकर शीश नवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
न्यास द्वारा की गई थी भव्य व्यवस्थाएं
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्री गोपाल जी महाप्रभु एवं चंद्रहासिनी देवी सार्वजनिक न्यास, चंद्रपुर द्वारा पूरे नवरात्रि पर्व में दर्शन की बहुत ही सुंदर और सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी। ट्रस्ट के प्रमुख गोविंद अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन में समिति के सभी सदस्य दिन-रात व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे रहे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए निरंतर महाप्रसाद की व्यवस्था की गई थी, साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा मनोकामना ज्योति कलश भी प्रज्वलित किए गए थे।
चुनरी यात्रा और रास-गरबा ने मोहा मन
इस वर्ष नवरात्रि के पावन मौके पर निकाली गई भव्य चुनरी यात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके साथ ही मंदिर परिसर में विशाल मेले जैसा माहौल रहा। समिति द्वारा आयोजित रास-गरबा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध भजन गायकों और लोक कलाकारों ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। इस गरिमामय अवसर पर समाज की विभिन्न विशिष्ट प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया।
प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का रहा सराहनीय योगदान
नवरात्रि पर्व और मेले के दौरान सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में जिला पुलिस प्रशासन और स्थानीय पुलिस प्रशासन का सराहनीय योगदान रहा। इसके साथ ही चंद्रपुर शहर की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संस्थाओं ने भी आयोजन को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर पूरा चंद्रपुर शहर रंग-बिरंगी झालरों और विद्युत रोशनी से जगमगा उठा। मुख्य मंदिर के साथ-साथ प्रसिद्ध नाथल दाईं मंदिर में भी दर्शन करने के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और मेला का आनंद लिया।
