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मिट्टी की खुशबू, सपनों की उड़ान

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बाईस वर्ष की आयु में दीपक ने गढ़ी अपनी पहचान

सक्ती – ग्राम लटेसरा के युवा दीपक पटेल ने अपने परिश्रम, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण के बल पर उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है। मात्र बाईस वर्ष की आयु में उन्होंने ऐसी पहचान बनाई है, जिस पर उनका परिवार, ग्राम तथा समूचा क्षेत्र गौरवान्वित है। दीपक, कृषक यादराम पटेल एवं गृहिणी ललिता पटेल के सुपुत्र हैं। उनकी प्रारम्भिक एवं विद्यालयी शिक्षा सर्वोदय पब्लिक विद्यालय, हीरापुर में सम्पन्न हुई। छात्र जीवन से ही वे अध्ययनशील और मेधावी रहे। उन्होंने माध्यमिक परीक्षा में 97.4 प्रतिशत तथा उच्चतर माध्यमिक परीक्षा में 96.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विद्यालयी शिक्षा के उपरान्त उन्होंने देश की प्रतिष्ठित अभियांत्रिकी प्रवेश परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना (आईआईटी पटना) में सिविल अभियांत्रिकी विषय में प्रवेश प्राप्त किया। वहाँ से उन्होंने 9.02 सीजीपीए के साथ स्नातक उपाधि अर्जित की। अध्ययनकाल के दौरान उन्होंने सिविल अभियांत्रिकी विषय की राष्ट्रीय स्तर की स्नातकोत्तर अभिरुचि परीक्षा (गेट) भी दो बार सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। हाल ही में दीपक का चयन देश के महारत्न सार्वजनिक उपक्रम भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) में ग्रेड-ए अभियंत्रण अधिकारी के पद पर हुआ है। वर्तमान में वे बीपीसीएल के नोएडा क्षेत्रीय कार्यालय में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय दीपक अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं शुभचिंतकों को देते हैं। उन्होंने विशेष रूप से सर्वोदय पब्लिक विद्यालय, हीरापुर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके शैक्षणिक जीवन की आधारशिला इसी विद्यालय में रखी गई। विद्यालय के शिक्षकों ने उन्हें केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं दिया, अपितु अनुशासन, परिश्रम, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का भी बोध कराया। उनके अनुसार शिक्षकों का सतत मार्गदर्शन, स्नेह और प्रोत्साहन उनके व्यक्तित्व निर्माण तथा शैक्षणिक उन्नति में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। दीपक ने अपने सभी गुरुजनों को स्मरण करते हुए कहा कि आज उनकी प्रत्येक उपलब्धि में विद्यालय के शिक्षकों का अमूल्य योगदान निहित है। विद्यालय में प्राप्त शिक्षा और संस्कारों ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने तथा उन्हें प्राप्त करने का आत्मविश्वास प्रदान किया। उन्होंने अपने माता-पिता के साथ-साथ सम्पूर्ण विद्यालय परिवार के प्रति भी हार्दिक आभार व्यक्त किया। दीपक की यह उपलब्धि इस तथ्य को पुनः स्थापित करती है कि समर्पण, सतत परिश्रम और उचित मार्गदर्शन के बल पर ग्रामीण परिवेश से आने वाले विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकते हैं। ग्राम लटेसरा एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों ने उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की है।