निर्वाचन अवधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग हेतु दिशा निर्देश जारी

रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध
सक्ती – छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचन कार्यक्रम जारी किए जाने के साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। निर्वाचन अवधि के दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों एवं उनके समर्थकों द्वारा प्रचार-प्रसार हेतु ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग सभाओं जुलूसों एवं प्रचार वाहनों में किया जाता है। जिला प्रशासन के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि कई स्थानों पर अत्यधिक ध्वनि स्तर पर लाउडस्पीकरों का उपयोग किए जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है तथा वृद्ध बीमार एवं चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। अत्यधिक शोर-शराबा जनसामान्य की शांति एवं स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एवं लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिला दण्डाधिकारी अमृत विकास तोपनो द्वारा छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा 04 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में रात्रि 10 बजे से प्रातः 06 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। निर्वाचन प्रचार हेतु वाहनों एवं चुनावी सभाओं में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग केवल प्रातः 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही किया जा सकेगा। उपयोग किए जाने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्र साधारण श्रेणी के होंगे तथा उनका प्रयोग मध्यम ध्वनि स्तर पर ही किया जाएगा। लंबे चोंगे वाले लाउडस्पीकरों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही वाहनों एवं चुनावी सभाओं में एक से अधिक लाउडस्पीकर समूह लगाने की अनुमति नहीं होगी। चुनावी सभाओं एवं प्रचार वाहनों में ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाने हेतु संबंधित सक्षम अधिकारी से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। जिला मुख्यालय में अनुविभागीय दण्डाधिकारी, अन्य अनुविभागीय मुख्यालयों में संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील मुख्यालय में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी तथा उप तहसील मुख्यालय में नायब तहसीलदार व कार्यपालिक दण्डाधिकारी द्वारा अनुमति प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सालयों, नर्सिंग होम, न्यायालय परिसरों, शासकीय कार्यालयों, छात्रावासों, नगरपालिका परिषद, जनपद पंचायत, बैंक, डाकघर, दूरभाष केन्द्र एवं अन्य सार्वजनिक कार्यालयों से 200 मीटर की दूरी के भीतर सामान्य परिस्थितियों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। जिला प्रशासन द्वारा सभी राजनैतिक दलों, प्रत्याशियों एवं आम नागरिकों से आदर्श आचरण संहिता एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है।


