भू-माफियाओं के खिलाफ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का आर-पार की जंग कलेक्ट्रेट का किया घेराव एवं प्रशासन को घेरा


सक्ती – जिले के ग्राम सकरेली (ब) में शासकीय भूमि की अवैध खरीद-बिक्री के मामले में प्रशासन की चुप्पी अब भारी पड़ती नजर आ रही है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (युवा मोर्चा) ने अपनी मांगों की अनदेखी से आक्रोशित होकर, 09 फरवरी 2026 (सोमवार) को कलेक्ट्रेट कार्यालय के घेराव किया 12 एकड़ सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं का कब्जा मामले की शुरुआत तहसील बाराद्वार के ग्राम सकरेली से हुई, जहाँ खसरा नंबर 1311/1 से 1311/5 तक की लगभग 12 एकड़ बेशकीमती सरकारी जमीन को भू-माफियाओं द्वारा अवैध तरीके से बेचने और कब्जा करने का आरोप है। पार्टी के जिला अध्यक्ष रतन सिंह मरावी ने पूर्व में प्रशासन को अवगत कराया था कि 22 दिसंबर 2025 तक कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
37 दिनों से जारी आंदोलन अब हुआ उग्र
प्रशासन की वादाखिलाफी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता 03 जनवरी 2026 से लगातार शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हुए हैं। 37 दिन बीत जाने के बाद भी जब अधिकारियों ने सुध नहीं ली, तो संगठन ने अब आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है।
पार्टी की मुख्य मांगें:
सरकारी जमीन की अवैध रजिस्ट्री में शामिल पटवारी और अन्य अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
खसरा नंबर 1311 की विवादित जमीन के सभी नामांतरण और खरीद-बिक्री को तत्काल प्रभाव से शून्य/निरस्त किया जाए।
शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त कर शासन के अधीन लिया जाए।
दोषी विक्रेताओं और खरीदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
प्रशासन को सीधी चेतावनी दी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के लोग ज्ञापन देने कलेक्टर परिसर के मुख्य द्वार पर नारे बाजी करते हुए कलेक्टर परिसर के मुख्य द्वार पर खड़े रहा है प्रशासन गुंगा ,भैरा है , कलेक्टर हाय,हाय के नारा लगाया जा रहा था ज्ञापन लेने के लिए कलेक्टर अपना प्रतिनिधि तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी को भेजा गया था लेकिन उनका मानना है कि हम कलेक्टर को ही ज्ञापन देंगे और उनसे बात करेंगे लेकिन समाचार लिखे जाने तक कलेक्टर ज्ञापन लेने के लिए नहीं आए अगर हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तो अनवरत धरना प्रदर्शन हमारे द्वारा जारी रहेगा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण धरने पर कोई सुनवाई न होने के कारण वे अब आगे बृहद तरीके से कलेक्ट्रेट का घेराव करने को मजबूर हैं। यह भी चेतावनी दी गई है कि इस प्रदर्शन के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय घटना या अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। वहीं प्रशासन के द्वारा पुलिस बल की तैनाती काफी संख्या में की गई थी कहीं अप्रिय घटना ना हो इस आंदोलन की प्रतियां राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री और पुलिस अधीक्षक (सक्ति) को भी भेजी जा चुकी हैं, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है


