सक्ती

पीएमईजीपी योजना से बदली जिंदगी राजेश्वरी बनीं महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल

सक्ती – आज के समय में महिलाएँ पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी सशक्त कदम बढ़ा रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है  राजेश्वरी की, जिन्होंने अपने आत्मविश्वास, परिश्रम और सरकारी योजनाओं के सही सहयोग से स्वरोजगार स्थापित कर महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया है। राजेश्वरी का परिवार पाँच सदस्यों का है, जिसमें उनके पति, सास और दो बच्चे शामिल हैं। उन्होंने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है। परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और अपने पति का सहयोग करने के उद्देश्य से वे स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करना चाहती थीं, लेकिन इसके लिए पूंजी की आवश्यकता थी। इसी दौरान उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना की जानकारी मिली। राजेश्वरी ने योजना से संबंधित पूरी जानकारी एकत्र की और जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से ब्यूटी पार्लर हेतु 6,31,579 रुपए की परियोजना लागत का प्रस्ताव तैयार कराई। यह प्रस्ताव भारतीय स्टेट बैंक, डभरा में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें 6,00,000 रुपए का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। साथ ही, योजना के अंतर्गत 2,21,052 रुपए का अनुदान भी प्राप्त हुआ निरंतर प्रयास, गुणवत्ता सेवाओं और मेहनत के बल पर आज राजेश्वरी का ब्यूटी पार्लर सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। राजेश्वरी न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि  अन्य स्थानीय महिलाओ को भी रोजगार प्रदान कर रही हैं। वर्तमान में वे प्रतिमाह लगभग 15,000 से 20,000 रुपए की आय अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। राजेश्वरी की यह सफलता साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और आत्मविश्वास हो, तो महिलाएँ हर चुनौती को अवसर में बदल सकती हैं। आज वे अपने क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का आदर्श बन चुकी हैं।