शारदा पब्लिक स्कूल, बाराद्वार बस्ती ने मनाया वार्षिकोत्स


विद्यालय के विकास में मदद के लिए हर संभव तत्पर रहूंगा- आयुष शर्मा सभापति
बच्चों को संस्कारित शिक्षा प्रदान करना गुरुजनों के साथ पालकों का महती कर्त्तव्य
सक्ती – वार्षिकोत्सव कार्यक्रम विद्यार्थियों के अंतर्निहित प्रतिभा को निहारने का मंच होता है जहां अभिभावक अपने बच्चों के भीतर छुपी हुई प्रतिभाओं से प्रत्यक्ष अनुभव करते हैं,यह व्यक्तव्य देते हुए छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय सिंह ने कहा कि आज विद्यार्थियों को संस्कारित शिक्षा प्रदान करना विद्यालय परिवार के साथ-साथ पालकों का महती दायित्व है तो वहीं कार्यक्रम की जिला पंचायत के सभापति आयुष शर्मा ने कहा कि शारदा पब्लिक स्कूल के बच्चों की प्रस्तुतियों ओ तारीफ ए काबिल बताते हुए आश्वस्त किया कि मेरे क्षेत्र में स्थित शारदा पब्लिक स्कूल के हर संभव मदद के लिए तत्पर रहूंगा। इस अवसर पर अशासकीय विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष दुलीचंद साहू ने दुलीचंद साहू ने राष्ट्रीय बालिक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बच्चियों की सुंदर प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन आयोजनों में भाग लेने से बच्चों का डर समाप्त होने के साथ उनकी प्रतिभा निखरती है इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुवात विद्यादायिनी मां सरस्वती की प्रतिमा के चित्र पर माल्यार्पण-पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ तो वहीं विद्यालय के संचालक अजीत चौहान ने विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ मंचासिन आयुष शर्मा, चितरंजय सिंह अधिवक्ता, संचालक द्वय दुलीचंद साहू एवं सरोज महंत का बेच पहनाकर पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर अभिनंदन किया पश्चात संचालक अजीत चौहान ने स्वागत भाषण करते हुए विद्यालय के प्रारंभ काल से आज तक के प्रगति पथ में पालकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी सबसे आशीर्वाद की कामना किया।आज सालाना सांस्कृतिक उत्सव के मंच में बच्चों के शानदार प्रस्तुति देख कर उपस्थित अभिभावक अत्यंत भावुक नजर आ रहे थे। कार्यक्रम की सफल बनाने में स्कूल संचालक अजित चौहान के सहयोगी देवलाल चौहान एवं विद्यालय परिवार के रजनी चौहान, सेवती चंद्रा, सपना साहू , सुमन तेंदुलकर, दिलेश्वरी पाटले, सोनिया पाटले, लता कर्ष , अनुराधा कुर्रे, सोनी तेंदुलकर आदि शिक्षिकाओं तथा विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों को सक्रिय सहभागिता रही।


