अब नहीं देना पड़ता बिजली बिल प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बनी सहारा


सक्ती – सक्ती जिले के निवासी पुष्पेन्द्र कुमार गबेल बताते हैं कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि पहले हर महीने उन्हें करीब 3000 से 3500 रुपये तक बिजली बिल देना पड़ता था। लेकिन जब से मैंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगाया है, मेरा बिजली बिल शून्य हो गया है। अब मेरा घर अपनी खुद की बिजली बना रहा है। उन्होंने बताया कि यह सोलर पैनल मैने जून 2025 में लगवाया था। इसमें लगभग 2 लाख रुपये की लागत आई है, जिसमें से उन्हें केंद्र सरकार से 78,000 रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है और राज्य सरकार से 30,000 रुपये की राशि भी जल्द मिलने वाली है। गबेल कहते हैं कि इस योजना से न केवल मेरे खर्चों में बचत हुई है, बल्कि मुझे पर्यावरण की सुरक्षा में भी योगदान देने का अवसर मिला है। अब हमारे घर में हर दिन सूरज की रोशनी से 12 से 15 यूनिट बिजली बनती है, जिससे पूरी घरेलू जरूरतें पूरी हो जाती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने हमें बिजली बिल से मुक्ति दिला दी है और प्रकृति की रक्षा में भागीदार बनाया है। उन्होंने कहा कि मैं सभी लोगों से कहना चाहता हूँ कि इस योजना का लाभ अवश्य लें और अपने घर को ऊर्जा के लिए आत्मनिर्भर बनाएं। अब सक्ती जिले में भी यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है और अधिक से अधिक लोग सौर ऊर्जा अपनाकर बचत और स्वच्छ ऊर्जा की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। बता दे कि इस योजना के तहत उपभोक्ता स्वयं अपने घर की छत पर रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन कर उर्जादाता भी बन सकते हैं। इस योजना के तहत उपभोक्ता अपना पंजीयन करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल https://pmsuryaghar.gov.in/ एवं पीएम सूर्यघर मोबाइल एप्प , सीएसपीडीसीएल की वेबसाइट अथवा टोल फ्री नम्बर 1912 पर कॉल कर पंजीयन करा सकते है। इस योजना के तहत एक किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने पर केन्द्र सरकार से 30000 रुपए एवं राज्य सरकार से 15000 रुपए की सब्सिडी मिलती है। इसी तरह दो किलोवाट सोलर प्लांट लगाने पर केंद्र सरकार की तरफ से 60000 रुपए तो राज्य सरकार की तरफ से 30000 रुपए की सब्सिडी और तीन किलोवाट सोलर प्लांट लगाने पर केन्द्र सरकार की तरफ से 78000 रुपए तो राज्य सरकार की तरफ से 30000 रुपए की सब्सिडी मिलती है। इस योजना से न केवल घर-घर रोशनी पहुँचेगी बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन से आर्थिक मजबूती भी मिलेगी।


