सक्ती

शरीर के ऊपर बोया जवारा ज्योति कलश के साथ 9 दिन तक चलेगा आराधना

सक्ती – बिर्रा अंचल में शारदीय क्वांर नवरात्रि के महापर्व 22 सितंबर दिन सोमवार से बड़े ही उत्साह पूर्वक श्रद्धा भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया जा रहा है। बिर्रा सहित आसपास के गांवों में  आदि शक्ति जगत जननी मां भवानी अम्बे दुर्गा की मूर्ति की स्थापना करके उत्साह से श्रद्धापूर्वक सुबह शाम, पूजा अर्चना एवं भजन कीर्तन और माता जगराता भी किया जा रहा है। लेकिन इसके बावजूद गौरव ग्राम पंचायत मल्दा के रामसागर सड़क पारा निवासी एक भक्त ने जय ठकुराइन दाई माता  मंदिर मल्दा में अपने शरीर के ऊपर जवारा बोकर अपने शरीर को कष्ट देते हुए 9 दिनों का अनोखा आराधना शुरू किया है। यह लगातार पूरे 9 दिनों तक चलेगा।  जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत गौरव ग्राम पंचायत मल्दा में हरैया कश्यप परिवार के माता  जय ठकुराइन दाई मंदिर में रामसागर सड़क पारा मल्दा निवासी रामकीर्तन कश्यप पिता रामनाथ उम्र 26 वर्ष ने जय ठाकुराइन दाई मंदिर मल्दा में सोकर अपने पूरा शरीर में जवारा बोया है। इसके बावजूद अपने शरीर के ऊपर में ज्योति कलश की स्थापना भी किया। उसका आराधना लगातार 9 दिन और नवरात तक चलेगा । यह माता भक्त राम कीर्तन कश्यप का लगातार दूसरा साल है। जय ठकुराइन दाई मंदिर मल्दा के पुजारी सुंदरलाल कश्यप और बैगा रामनाथ कश्यप एवं महेश कश्यप ने बताया कि माता के भक्त रामकीर्तन कश्यप उम्र 26 वर्ष रामसागर सड़क पारा मल्दा निवासी ने लगातार दूसरा साल इस मंदिर जय ठकुराइन दाई मंदिर मल्दा में सोकर अपने शरीर के ऊपर में पूरा शरीर भर ज्वारा बोया है। ज्योति कलश अपने शरीर के ऊपर स्थापना भी किया है ।अपने शरीर को कष्ट देते हुए उसका आराधना लगातार 9 दिन और 9 रात तक चलेगा। सुबह और शाम को आधा कप दुर्वा ( दुबी) का रस पिलाया जाता है। और थोड़ा सा नींबू का रस भी पिलाया जाता है। ताकि उसका गला सुखा न पड़ जाए। माता के भक्त रामकीर्तन कश्यप लाल रंग की चुनरी बिछाकर लेटा हुआ है। पूरे शरीर के ऊपर में जवारा बोया हुआ है। यह पूरे 9 दिन और 9 रात तक चलेगा। इसी सोया हुआ अवस्था में ही रहेगा। आहार के रूप में सुबह शाम दुर्वा  के रस का सेवन कर रहा है। राम कीर्तन कश्यप को माता रानी की असीम कृपा प्राप्त है।  उनको क्वांर नवरात्रि में लेट कर पूरे शरीर के ऊपर ज्वारा बोने के लिए अपने कुलदेवी माता ठकुराइन दाई ने कृपा प्रेरणा दी है।  माता के आदेश का पालन करते हुए रामकीर्तन ने माता ठकुराइन दाई का अटूट आस्था व विश्वास करके श्रद्धा भाव से अपने शरीर के ऊपर में जवारा बोया हुआ है। राम कीर्तन कश्यप शक्ति की भक्ति में डूबकर पूरे 9 दिन तक सोया रहेगा। राम कीर्तन कश्यप अन्चल में सिर्फ एक अकेला भक्त है जो पूरे 9 दिन और नवरात तक सोया हुआ रहेगा। माता के भक्त  राम कीर्तन कश्यप ने माता की साधना कर माता ठकुराइन दाई से आशीर्वाद प्राप्त किया है । इसके साथ ही मानव जनकल्याण और धर्म की रक्षा के लिए माता की आराधना कर रहा है। माता जय ठकुराइन दाई मंदिर मल्दा के भक्त राम कीर्तन कश्यप ने बताया कि बस माता का आशीर्वाद है जो मैं उनकी आराधना पूरा कर पाता हूं। इस साल जय ठकुराइन दाई मंदिर मल्दा में कुल 29 ज्योति क्लस जल रहा है। तेल ज्योति कलश के लिए 801 रुपए और घृत ज्योति कलश के लिए 1251रुपए लिया जाता है। ग्राम मल्दा सहित पूरा बिर्रा अंचल के अलावा श्रद्धालु भक्त लोग बहुत दूर-दूर से जवारा एवं ज्योति कलश और माता की दर्शन करने के लिए श्रद्धालु भक्तगण पहुंच रहे हैं। पूजन अर्चना करके नारियल, मिठाई रूपए पैसे चढ़ाकर पूजा अर्चना किया जा रहा है। इसके साथ ही मातारानी सभी श्रद्धालु भक्तों का सभी मनोकामना पूरी भी करते हैं।