युक्तियुक्तकरण के तहत नियमित शिक्षिका की पदस्थापना से समय पर स्कूल पहुँच रहे बच्चे, पढ़ाई में बढ़ रही रुचि


सक्ती – छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला अंतर्गत ब्लॉक सक्ती के छोटे से गांव डंगबोरा के शासकीय प्राथमिक शाला में अब शिक्षा की तस्वीर बदलने लगी है। वर्षों से शिक्षक की कमी से जूझती यह एकल शिक्षकीय शाला अब युक्तियुक्तकरण के तहत नियमित शिक्षिका जीराबाई सिदार की पदस्थापना से शिक्षा की नई रोशनी से रोशन हो रही है। इससे पहले यह विद्यालय कुछ वर्ष से एकल शिक्षक के माध्यम से संचालित हो रहा था। कुछ सत्रों में मानदेय शिक्षक पढ़ाने आते थे, लेकिन नियमित शिक्षक की कमी से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। अब युक्तियुक्तकरण के बाद शिक्षिका जीराबाई सिदार, जो पहले देवरमाल के स्कूल में पदस्थ थीं, शासकीय प्राथमिक शाला डंगबोरा में पदस्थापित हुई हैं। शासकीय प्राथमिक शाला डंगबोरा के प्रधानपाठक रामलाल मरावी ने बताया कि विद्यालय में अब एक और शिक्षिका की नियमित उपस्थिति और बेहतर अध्यापन कार्य से बच्चों की रुचि पढ़ाई में बढ़ रही है और बच्चे समय से स्कूल पहुँचने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में अध्ययन के प्रति उत्साह और रुचि स्पष्ट रूप से बढ़ी है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। इस नीति के अंतर्गत शालाओं और शिक्षकों का समुचित समायोजन कर विद्यालयों में नए शिक्षक पदस्थ किए गए हैं। अब शासकीय प्राथमिक शाला डंगबोरा में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है। गांव के पालक भी संतुष्ट हैं कि अब उनके बच्चों को सही मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण व नियमित शिक्षा मिल रही है।


