सक्ती

मकान किराये के नाम पर ₹12.75 लाख की ठगी

हैदराबाद ‌। एक 28 वर्षीय युवक रेंटल फ्रॉड का शिकार होकर ₹12.75 लाख से अधिक गंवा बैठा। कैसे हुआ फ्रॉड? पीड़ित ने रियल एस्टेट पोर्टल पर अपना फ्लैट किराये हेतु विज्ञापन डाला।  साइबर अपराधियों ने खुद को NSG कमांडो बताकर संपर्क किया।  फर्जी पहचान पत्र भेजकर विश्वास दिलाया। एक “सीनियर ऑफिसर” बनकर दूसरा ठग सामने आया और एडवांस किराये का लालच दिया। स्पेशल सिक्योरिटी प्रोटोकॉल” का हवाला देकर पीड़ित से कई IMPS और UPI ट्रांसफर करवाए।  इस तरह ₹12.75 लाख से अधिक की धोखाधड़ी की गई।
पुलिस की चेतावनी
अपराधी आर्मी/NSG के जवान बनकर संपत्ति मालिकों को निशाना बनाते हैं। नकली ID कार्ड व दस्तावेज भेजकर विश्वास जीतते हैं। नई पोस्टिंग” या “ट्रांसफर” का झांसा देकर एडवांस पेमेंट मांगते हैं।
क्या करें? किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें।  पहचान और दस्तावेज़ की असली जांच जरूर करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करें  www.cybercrime.gov.in या 1930 में करें।