सक्ती

महादेव के जल से डेढ़ – महीने से वेंटिलेटर में बच्चा हुआ स्वस्थ

ढाई महीना पहले सड़क हादसे में सिर में लगी थी चोट

सक्ती –  इन दिनों देश में पं प्रदीप मिश्रा द्वारा यही कहा जाता है कि एक लोटा जल सारी समस्याओं का हल। कोई इस पर विश्वास करता है कोई नहीं करता है और जो विश्वास करता है उसका जीवन सफल हो जाता है। जब व्यक्ति खुद पर देखता है तभी उसे वह चमत्कार मानता है। ऐसे ही चमत्कारिक घटना धमतरी के एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज पर हुआ। पखांजूर दीपनगर 104 पीवी निवासी विनय राय का 10 साल का बेटा चंदन राय को एक बाइक सवार ने ठोकर मार दी थी, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोट आई थी। उसे पखांजूर से श्रीराम मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल धमतरी में लाकर भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टर ने ऑपरेशन भी किया अपने तरफ से पूरी तरह से प्रयास किया उसके बावजूद सुधार नहीं होने पर भगवान भोलेनाथ की कृपा उस पर बरसी और मात्र शिव पर अर्पित जल पिलाने से ही वह बच्चा स्वस्थ होकर अपने घर लौट गया।


सावन में महादेव की कृपा….


चंदन राय के चाचा वरुण राय ने  बताया कि ढाई महीने पहले बच्चा घर के सामने खेल रहा था तभी एक बाइक सवार ने उसे ठोकर मार दी और फरार हो गया। चंदन के सिर पर गंभीर चोट आई थी जिसे पखांजूर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां श्री राम अस्पताल में लाकर भर्ती कराया। डॉक्टरों ने देखने के बाद गंभीर स्थिति बताई और उसे रायपुर ले जाने की सलाह दी। लेकिन उन्होंने कहा कि यही चिकित्सा कराना है। डॉ नवीन साहू और उनकी टीम ने अपने तरफ से प्रयास किया। रायपुर से डॉक्टर को बुलाकर ऑपरेशन भी करवाया। फिर बीच में गहन चिकित्सा में भी उसे रखा गया। डॉक्टर ने यह कह दिया था कि अभी से दवा की नहीं दुआ की जरूरत है। वह मंदिर में भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की। चंदन राय की मां अंजली राय रोजाना शिव मंदिर जाना प्रारंभ की। इसी बीच डॉक्टर के मां पिताजी को पता चला तो वह रोजाना महादेव का जल लेकर आए और उसे पिलाकर आज सावन के माह में महादेव की कृपा से चंदन स्वस्थ हो गया और वह खुशी-खुशी घर लौट रहा हैं।


यह कोई चमत्कार से काम नहीं था : डॉ. नवीन


इस संबंध में श्रीराम अस्पताल के संचालक डॉ नवीन साहू ने बताया कि चंदन राय को गंभीर अवस्था में लाया गया था। विशेषज्ञों की सलाह के बाद चिकित्सा प्रारंभ किया गया। रायपुर के न्यूरो सर्जन डॉ घनश्याम शाशापारधी को बुलाकर सिर का ऑपरेशन भी कराया गया। अन्य चिकित्सकों से भी सलाह ली गई। बच्चों में थोड़ा सुधार देखा गया लेकिन संतुष्टि जनक सुधार नहीं हुआ। इस बीच उनका भी समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। तब घर में परिवार के बीच चर्चा हुई उनके पिता अनुज साहू और मां भुवनेश्वरी साहू रोजाना रुद्रेश्वर मंदिर जाते और जल को लाकर बच्चों के शरीर पर  लेप करते थे।