सक्ती

किसान समृद्धि योजना से बदली किसान परमेश्वर प्रसाद लहरे की जिंदगी

मालखरौदा – सक्ती जिले के विकासखण्ड मालखरौदा अंतर्गत ग्राम छोटे सीपत के निवासी किसान परमेश्वर प्रसाद लहरे पिता  डहक राम लहरे के जीवन में किसान समृद्धि योजना वरदान बनकर आई है। वर्षों से खेती करते आ रहे  लहरे के पास 2.212 हेक्टेयर खेती योग्य भूमि तो थी, परंतु सिंचाई का कोई स्थायी साधन न होने के कारण उनकी खेती पूरी तरह प्राकृतिक वर्षा पर निर्भर रहती थी। खरीफ मौसम में किसी तरह फसल हो जाती थी, लेकिन पानी की कमी के कारण उत्पादन सीमित रहता था। वहीं, खरीफ फसल के लिए उन्हें किराये पर पानी लेना पड़ता था, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती थी और लाभ अपेक्षाकृत कम मिलता था। अपनी इस समस्या के समाधान हेतु उन्होंने क्षेत्र की ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क किया। उनसे किसान समृद्धि योजना (नलकूप खनन) की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने योजना के अंतर्गत पंजीयन कराया। योजना स्वीकृत होने पर उनके खेत में नलकूप खनन कराया गया तथा 5 एच.पी. क्षमता का पंप स्थापित किया गया। नलकूप खनन एवं पंप प्रतिष्ठापन पर लगभग 1,30,000 रुपये की लागत आई, जिसमें से अनुसूचित जाति वर्ग के अंतर्गत नलकूप खनन हेतु 18,000 रुपये तथा पंप प्रतिष्ठापन हेतु 25,000 रुपये, इस प्रकार कुल 43,000 रुपये का अनुदान उन्हें प्राप्त हुआ। इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि  लहरे की भूमि को स्थायी सिंचाई स्रोत उपलब्ध हो गया। अब वे मौसम की अनिश्चितता से मुक्त होकर समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। खरीफ वर्ष 2025 में उन्होंने अपनी पूरी 2.212 हेक्टेयर भूमि में धान की फसल ली है और सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने के कारण उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना बनी है। इसके साथ ही उन्होंने रबी मौसम में दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती की कार्ययोजना भी तैयार की है, जिससे वर्ष भर खेती कर अपनी आय बढ़ाई जा सके। किसान  परमेश्वर प्रसाद लहरे बताते हैं कि किसान समृद्धि योजना से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और खेती अब उनके लिए लाभ का साधन बन गई है। वे कहते हैं कि इस योजना ने उनके जीवन में खुशहाली लाई है और आज वे आत्मनिर्भर किसान के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। उनके जीवन में आए इस सकारात्मक परिवर्तन से गांव के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। किसान लहरे शासन एवं कृषि विभाग के सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि किसान समृद्धि योजना वास्तव में किसानों के जीवन को बदलने वाली योजना है। वे अपने अनुभव के आधार पर अन्य किसानों से भी इस योजना का लाभ लेने की अपील करते हैं, ताकि वे भी स्थायी सिंचाई सुविधा के साथ समृद्ध और आत्मनिर्भर बन सकें।