सक्ती

सक्ती में शनि जयंती व वट सावित्री पूजा की धूम

सक्ती ‌। अंचल में आज शनि जयंती व वट सावित्री का पर्व भक्तिमय माहौल में धूमधाम से मनाया गया। नगर के शनि मंदिर में जहां भक्तों ने अपनी मनोकामना के लिए दीप प्रज्वलित किए वहीं महिलाओं ने वट वृक्ष के नीचे पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना किया। शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही पूजा अर्चना की धूम रही। प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक पर्व वट सावित्री पर्व सौभाग्यवती महिलाओं ने 19 में शुक्रवार को पूरी श्रद्धा के साथ मनाया, ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में अमावस्या तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है, इस दिन महिलाएं व्हाट पीपल की पूजा कर अपने पति की दीर्घायु की कामना करती हैं, जिससे अंचल का वातावरण सुबह से ही भक्तिपूर्ण हो गया था।
सुबह से ही सौभाग्यवती महिलाएं पूरी श्रद्धा के साथ व्रत रखकर वट वृक्ष के पास पहुंचकर धूप दीप नैवेद्य फल चढ़ाकर पूजा अर्चना श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना करती है व्रती महिलाएं पूजन सामग्री में जल, मौली, रोली, चावल, गुड़, भीगे चने धूप दीप सुहाग की सामग्री कच्चा सूत से पूजा अर्चना करती हैं. महिलाएं वट वृक्ष में जल चढ़ाती हैं. एवं वट वृक्ष में रोली अक्षत चढ़ाकर वृक्ष पर कलावा बांधती है साथ ही हाथ जोड़कर परिक्रमा लेती है जिससे पति की लंबी उम्र के साथ जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती है. तथा सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसके अलावा इस दिन महिलाएं अपने घरों में विशेष व्यंजन भी बनाती हैं नगर में साईं मंदिर के पास, शनि मंदिर के पास, जिला सहकारी बैंक के पास, पुलिस थाना के पीछे, स्टेट बैंक के पास वटवृक्ष के तले सुहागिनों ने पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की। महिलाओं ने इस दिन वट वृक्ष की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। शनि जयंती का पावन पर्व ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है, यह हिंदू धर्म का विशेष पर्व है, शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है,
आज के ही दिन सूर्यपुत्र शनिदेव का जन्म हुआ था. शनि जयंती पूरे देश भर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। शनि मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखी जा रही है अंचल में शनि जयंती व वट सावित्री पर्व आज श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा पूर्वक भक्ति भाव के साथ मनाया गया।