होने वाले जनगणना में आदिवासी धर्म के कालम को देखकर भरे – जागेश्वर

सक्ती । ग्राम सफिया में दशगात्र कार्यक्रम में गोंडवाना समाज के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित हुए जिसमें आदिवासी धर्म कालम के संबंध में चर्चा की गई । आगामी आने वाले जनगणना में धर्म कालम आदिवासी गोंडी धर्म लिखा जाना प्रस्तावित है जिससे कि हमारे आदिवासी संस्कृति की पहचान बनी रहे आने वाले समय में बच्चों की भविष्य के साथ में किसी भी प्रकार की बाधा ना रहे और हमारे धर्म कलाम की मांग को भारत सरकार से पुख्ता सबूत के साथ में रख सकें । जिससे कि हम सब आदिवासी समाज भील गोंड खैरवार बिनझवार धनुहार सांवरा उरांव मांझी आदि जनजाति के लोगों को जोड़ना है भविष्य में समाज प्रमुखों के द्वारा बैठक कर जानकारी दी जाएगी। जनगणना कार्यक्रम 2 में से दूसरा चरण 2 फरवरी 2027 से चलेगा । कालम 12 में अनुसूचित जाति जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग का कालम है जिससे अच्छी तरीका से भरना है ताकि हमारी संस्कृति परंपरा रीति रिवाज रहन-सहन खान-पान को आदिवासी संस्कृति के हिसाब से बनाए रखना है समाज को नई ऊर्जा और समृद्धि मिलेगी समाज जड़ता के साथ कार्य करेगी । तभी हमारे आदिवासी समाज को लाभ होगा, धर्म के भटकाव में ना पड़े अपनी प्राकृतिक धर्म लिखे जिससे कि देश की जनगणना में हम सब आदिवासियों की पहचान पूरे देश में बन सके आप लोगों से मेरा करबद्ध प्रार्थना है की समाज को अधिक से अधिक जानकारी प्रदान करें समझाएं हमारे पूर्वजों की विरासत को बनाए रखना है।


