जांजगीर चांपा

भागवत महापुराण संपूर्ण विश्व के मंगल के लिए है – भागवत आचार्य राजेंद्र महाराज

चांपा में सोनी परिवार के द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में प्रथम दिन निकली भव्य कलश एवं शोभायात्रा

चांपा। श्रीमद् भागवत एक शाश्वत संहिता है ,18 पुराणों में श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा अर्थात यह सप्ताह यज्ञ जिसे ज्ञान यज्ञ भी कहा जाता है जो संपूर्ण विश्व के मंगल के लिए है ।
श्रीमद् भागवत महापुराण का आश्रय प्राप्त भक्ति देवी के दोनों बेटे ज्ञान और वैराग्य को जरा अवस्था अर्थात बुढ़ापा से किशोर अवस्था की प्राप्ति हुई थी । धुंधकारी जो अपने कुसंस्कारों  के कारण भयानक प्रेत बना हुआ था भागवत की महिमा के कारण उसे प्रेत योनि से मुक्ति मिली । चांपा नगर के सदर बाजार निवासी दिलीप कुमार सोनी के निवास पर आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस कथा व्यास आचार्य राजेंद्र जी महाराज ने भागवत माहात्म्य का सरस वर्णन करते हुए बताया कि श्रृंगी ऋषि के श्राप से हराज परीक्षित को मुक्ति मिली । श्रीमद् भागवत कथा एक अध्यात्म दीप है तथा यह इस संसार का सर्वश्रेष्ठ सत्कर्म है । यह देव दुर्लभ भी है किंतु कलयुग में मनुष्यों के भाग्य जागृत होने के साथ ही अर्जित पुण्य के प्रभाव से यजमान बनाने का शुभ अवसर प्राप्त होता है ।
आचार्य राजेंद्र जी महाराज ने बताया कि श्रीमद् भागवत की कथा को मनुष्य गा सकते है ,सुन सकते है और पी भी सकते है । भागवत वेद रूपी कल्पवृक्ष पर लगा हुआ रस ही रस से भरा एक फल है जिसका कोई गुठली और छिलका भी त्यागने को नहीं है ।
भागवत महापुराण मुक्ति और सद्गति प्रदान करने की गर्जना करता है । भगवान श्री कृष्ण जी के स्वधाम गमन करने के 30 वर्ष बीतने पर इस संसार में पहली बार श्रीमद् भागवत की कथा हुई जो ब्रह्मरात शुक देव जी के मुखारविंद से प्रकट हुई और विष्णुरात राजा परीक्षित प्रथम यजमान बने ।
श्रीमद् भागवत महापुराण के द्वादश स्कंध, 335 अध्याय  और 18000 श्लोक है । जिनका स्मरण श्रवण और मनन संपूर्ण प्राणियों के कल्याण के लिए है । श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ किया गया । नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए नगर देवताओं की पूजा अर्चना कर डोंगा घाट  में वरुण पूजन आवाहन करते हुए नगर के प्रसिद्ध समलाई देवी मंदिर से पुराण की पूजा कर यज्ञ स्थल पहुंचकर कथा श्रवण पक्ष भव्य महा आरती की गई ।
श्रीमद् भागवत कथा के आयोजक श्रीमती कुसुम दिलीप कुमार सोनी द्वारा अधिक से अधिक संख्या में प्रतिदिन कथा श्रवण कर सत्संग महिमा एवं अक्षय पुण्य प्राप्त करने आग्रह किया गया है।