कलश यात्रा के साथ अखण्ड नवान्हिक नवधा रामायण प्रारंभ


सक्ती – निकटस्थ ग्राम पतेरापाली कलां (तुर्रीधाम)में दिनांक 06 अप्रैल को कलश यात्रा के साथ अखण्ड नवान्हिक नवधा रामायण की शुरुवात हुई। यहाँ पर सन् 1991 से अखण्ड नवान्हिक नवधा रामायण का आयोजन होते आ रहा है।
सर्वप्रथम कलश यात्रा नवधा चौक से प्रारम्भ होकर तुर्रीधाम स्थित शिव मंदिर तक पहुंची । वहां पर वरुण देव गंगा पूजन पश्चात भगवान भोले बाबा की पूजा अर्चना कर वहां से जल लेकर कलश यात्रा नवधा चौक पहुंची। फिर वेदी पूजन, अखण्ड ज्योति पश्चात भगवान विष्णु ,मर्यादा पुरुषोत्तम रामचंद्र जी सहित रामदरबार की पूजन किया गया और भगवान की आरती किया गया उसके बाद रात्रि 9 बजकर 31 मिनट में अखण्ड नवान्हिक नवधा रामायण की शुरुआत किया गया। यहां प्रारंभ हुआ अखंड नवधा रामायण का समापन 14.04.2026 को होगा । उसी रात्रि में मानस गायन प्रतियोगिता का फाइनल भी होगा जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 10001 सहित 12 वें स्थान तक के लिए पुरस्कार रखे गए हैं। साथ ही साथ रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन भी रखा गया है जिसमें भी 10 पुरस्कार रखे गए हैं। उक्त अखण्ड नवान्हिक नवधा रामायण को सफल बनाने के लिए ग्राम के सभी ग्रामवासी लगे हुए हैं। कलश यात्रा में गांव की महिला, बालिकाओं सहित आस पास के सैकड़ों माताओं, पुरुषों सहित लगभग 700 लोगों ने शामिल हुआ। दिनांक 15 अप्रैल 2026 को हवन पूर्णाहूति,सहस्त्रधारा का कार्यक्रम संपन्न होगा। उक्त अखण्ड नवान्हिक नवधा रामायण को आचार्य पंडित चंद्र प्रकाश तिवारी संपन्न करा रहे हैं साथ में गांव के बैगा रामू सिदार उनका सहयोग कर रहे हैं।


