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सक्ती

उर्वरक विक्रेताओं पर प्रशासन सख्त, औचक निरीक्षण कर की जा रही कार्यवाही

कालाबाजारी और महंगे दाम पर खाद बेचने वालों पर सख्ती, किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के निर्देश

उर्वरक विक्रेताओं पर प्रशासन सख्त, औचक निरीक्षण कर की जा रही कार्यवाही kshititech

सक्ती – कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन एवं उप संचालक कृषि तरुण प्रधान के मार्गदर्शन में जिले में नकली खाद निर्माण, कालाबाजारी और अधिक कीमत पर बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर टीमों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। निजी और सहकारी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही करते हुए फर्मों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है।
          कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखण्ड डभरा अंतर्गत ग्राम साराडीह के मेसर्स कोमल प्रसाद जायसवाल का औचक निरीक्षण में उर्वरक व्यापार से संबंधित प्राधिकार पत्र में स्रोत प्रमाण पत्र (फार्म ओ) जुडवाये बिना उर्वरक का व्यापार करना पाया गया, स्टॉक पंजी निर्धारित प्रारूप में संधारित नही होना पाया गया, कैश व केडिट मेमो निर्धारित प्रारूप में जारी नही एवं क्रेता का हस्ताक्षर नही होना पाया गया, और स्टाक प्रदर्शन बोर्ड अद्यतन नही होना पाया गया, जो कि  उर्वरक नियंत्रण आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके फलस्वरूप गोदाम में भंडारित रासायनिक उर्वरक यथा यूरिया 69 बोरी, जिंकेटेड सिंगल सुपरफास्फेट पावडर 242 बोरी, जिंकेटेड सिंगल सुपर फास्फेट दानेदार 104 बोरी, डीएपी 38 बोरी का अवैध रूप से भंडारण पाया गया, उक्त उर्वरकों को उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों में गंभीर उल्लंघन होने के कारण उक्त दर्शित उर्वरकों को जब्त कर गोदाम को सीलकर संबंधित फर्म के प्रतिनिधि की अभिरक्षा में सुपुर्द कर संबंधित को स्पष्टीकरण जारी किया गया। इसी क्रम में ग्राम सुखदा के मेसर्स नमन टैंडर्स में भी अनियमितता पाये जाने के कारण 21 दिवस के लिए तत्काल विक्रय प्रतिबंध लगाया। निरीक्षण के दौरान उर्वरक निरीक्षक विकासखण्ड डभरा राजेन्द्र कुमार पटेल, सहायक संचालक कृषि सुमान सिंह पैकरा, कार्यालय उप संचालक कृषि सक्ती कृतराज, सहायक संचालक कृषि, कार्यालय अनुविभागीय कृषि अधिकारी-सक्ती  सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन में किसानों को उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाले खाद, बीज एवं कीटनाशक उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित निरीक्षकों को नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि कालाबाजारी या अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।