सक्ती

पशु चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु विजय मनहर को वाचस्पति (मानद डॉक्टरेट) उपाधि

बिर्रा – इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय, बालाघाट (मध्यप्रदेश) के तत्वावधान में 22 फरवरी 2026 को आयोजित 24वें राष्ट्रीय साहित्य एवं पुरातत्व महाअनुष्ठान समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए विशिष्ट व्यक्तित्वों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं विद्वतजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत  बम्हनीडीह के अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरानी निवासी  विजय कुमार मनहर को पशु चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, समर्पण एवं नवाचारपूर्ण योगदान के लिए “वाचस्पति” की मानद उपाधि (डॉक्टरेट) प्रदान कर सम्मानित किया गया।  मनहर वर्तमान में पशुधन विकास विभाग, जांजगीर में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं और ग्रामीण अंचलों में पशुपालकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर सक्रिय रहते हैं। मनहर को पूर्व में भी कई प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है, जिनमें गुरुघासीदास समता अवॉर्ड, कला रत्न अवॉर्ड, गुरु घासीदास सामाजिक चेतना सम्मान तथा डॉ. बाबा साहब अंबेडकर अवॉर्ड प्रमुख हैं।
विभागीय सेवाओं के अतिरिक्त वे सामाजिक सरोकारों से भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। नशा मुक्ति अभियान, समाज सुधार गतिविधियों तथा सामाजिक संगठनों में उनकी सहभागिता उल्लेखनीय रही है। सामाजिक संघ एवं अजाक्स में पदाधिकारी के रूप में वे समाजहित में सतत कार्य कर रहे हैं। इस सम्मान पर पशुधन विकास विभाग, अजाक्स संघ, अधिकारी-कर्मचारी संघ, सतनामी समाज एवं जांजगीर-चांपा नगरवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।  विजय मनहर ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने वरिष्ठ अधिकारियों, गुरुजनों, माता-पिता एवं सहयोगियों को देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया है।