NHRSJC ने विश्व सामाजिक न्याय दिवस पर UGC_2026 पर किया विमर्श

UGC नियम 2026 पर सामाजिक जागरूकता आवश्यक – चितरंजय पटेल
सक्ती- विश्व सामाजिक न्याय दिवस पर राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग (विधि) के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के जाति-आधारित भेदभाव के खिलाफ लाए गए नए नियम (Promotion of Equity, 2026) पर व्यापक विमर्श और जागरूकता की आवश्यकता बताते हुए कहा कि जिस प्रकार 2023 में नवीन अपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को लेकर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आम सहमति बना कर बड़ी सहजता और सरलता के साथ लागू किया गया, उसी तरह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की समता का संवर्धन नियम 2026 पर भी समाज में विशिष्ट जागरूकता की आवश्यकता है, क्योंकि परस्पर राजनीतिक दलों के अंतर्निहित स्वार्थपूर्ण बयानबाजी के बक-बक में इस नियम की सार्थकता पर विमर्श की बजाय समाज में विद्वेष पैदा करने की अघोषित साजिश शुरू हो गई है, जबकि इसके प्रमुख उद्देश्यों में समान शैक्षिक संवर्धन के ध्येय के साथ जाति, धर्म,लिंग भेद से परे सर्व समाज के विद्यार्थियों में परस्पर सद्भाव के साथ कतिपय उच्च शिक्षा संस्थानों में व्याप्त विसंगतियों और विद्वेष से परे उच्च शिक्षा के समान अवसर सुनिश्चित करना है जो विश्वविद्यालयों में समान अवसर केंद्र (EOC) और सख्त निगरानी को अनिवार्य बनाते हैं।
NHRSJC लीगल सेल के प्रदेश अध्यक्ष ने विश्व सामाजिक न्याय दिवस 2026 के थीम (ध्येय वाक्य) “सामाजिक विकास और न्याय के प्रति नवीनीकृत प्रतिबद्धता” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि UGC का नया नियम Promotion of Equity Rule 2026 भी इसी ध्येय से प्रेरित है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में सामाजिक न्याय और समान विकास गंगा की धारा प्रवाहित हो तथा समाज के वंचित, आर्थिक एवं शारीरिक रूप से कमजोर तथा पिछड़ों को तिरष्कार एवं हीन भावना का शिकार हुए बिना शिक्षा प्राप्त करने का हक मिल सके तभी अंत्योदय की उन्नति के साथ समाज में सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।
इन पलों राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग के द्वारा दृष्टिबाधित विशेष विद्यालय के बच्चों की चिकित्सा एवं सफाई कार्य पर भी विचार करते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी से शीघ्र एवं समुचित कार्यवाही का आग्रह किया गया ताकि समाज में दिव्यांगों के लिए भी स्वास्थ्य एवं शिक्षा का समान एवं समुचित अधिकार सुनिश्चित हो।
विदित हो कि राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग लीगल सेल छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल अपनी टीम के साथ वंचितों के मानव अधिकारों के संरक्षण एवं सामाजिक न्याय के लिए तत्पर रहते है जिन्हें जिला प्रशासन की ओर से समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर सम्मानित किया जा चुका है।


