सहारा कंपनी के बड़े जमाकर्ताओ का नहीं हो रहा भुगतान

केवल 50 हजार तक के भुगतान की प्रक्रिया कर रही है कंपनी, जमाकर्ता परेशान, जाने कब मिलेगा, उनका पैसा वापस,जिला उपभोक्ता आयोगो के आदेश के बावजूद कोई सुनवाई नहीं है बड़े निवेशकों की
सक्ती – पूरे देश भर में सहारा कंपनी की विभिन्न योजनाओं में करोड़ों लोगों ने अपने पैसे जमा किये तथा राशि जमा करने के बाद मैच्योरिटी अवधि भी पूरी हो गई, किंतु वर्षों बाद भी ऐसे लोगों का भुगतान नहीं हो पाया है, तथा विगत वर्षों में सहारा कंपनी ने कहा कि उनके 24 करोड रुपए को सेबी द्वारा फ्रीज कर दिया गया है, जिसके चलते भुगतान नहीं हो पा रहा है, बाद में देशभर में खाता धारकों के दबाव के चलते केंद्र की मोदी सरकार ने सहारा पोर्टल की शुरुआत की तथा पोर्टल के माध्यम से ₹10000/-रुपये तक के जमा कर्ताओं को राशि वापसी की व्यवस्था करी तथा बाद में इस राशि को बढ़ाकर अभी ₹50000/-रुपये तक की व्यवस्था की गई है, किंतु देश भर में लाखों निवेदक ऐसे है,जिन्होंने की ₹50000/-रुपये से ऊपर लाखों लाखों रुपए जमा किए हुए हैं, तथा उनकी रकम वापसी कब होगी, इस बात को लेकर इसका कोई पता ठिकाना नहीं है, एवं बड़े जमाकर्ताओं ने जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा भी खटखटाया और वहां से आदेश जारी होने के बावजूद ऐसे जमाकर्ताओ को सहारा कंपनी द्वारा राहत नहीं दी जा रही है, जिससे बड़े जमाकर्ता आक्रोशित हैं, एवं समय-समय पर सहारा कंपनी तथा केंद्र सरकार की ओर से यह सूचना जारी की जाती है कि आने वाले समय में बड़े निवेशकों का भी भुगतान किया जाएगा, किंतु यह भुगतान कब किया जाएगा, इसे लेकर कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई है, तथा लोगों ने अपने खून पसीने की कमाई सहारा कंपनी में जमा की थी, तथा अब यह रकम वापसी होगी कि नहीं होगी, इसे लेकर बड़ा सवालिया निशान लग गया है, वही सालों पहले लोगों ने राशि जमा की थी, तथा मैच्योरिटी अवधि पूरी होने के बाद ब्याज सहित पूरी रकम वापस होगी कि नहीं होगी, इसे लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है, तथा कुछ तकनीकी आर्थिक जानकारों का कहना है कि कंपनी द्वारा केवल मूलधन ही वापस किया जाएगा, तो आखिरकार इतने सालों तक आम जनता के पैसे को उपयोग करने वाली यह कंपनी जमा राशि का ब्याज अपने वायदों के अनुसार नहीं देगी तथा इस बात को लेकर हजारों बड़े निवेशक अदालत का भी दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं, वही सहारा कंपनी के कार्यालय में 50000 तक के भुगतान की प्रक्रिया के लिए तो व्यवस्था बनाई गई है, किंतु 50000 से ऊपर के जमाकर्ता परेशान है


