सक्ती

खुलेआम घूम रहा है युवती को जिंदा जला देने वाला आरोपी

बेबस माँ ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार, इकलौती बेटी की हत्या से माँ का रो-रोकर बुरा हाल

सक्ती – सक्ती जिले के वार्ड क्रमांक 11 झूलकदम निवासी मीना मरावी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाजंग में व्याख्याता हैं। वर्ष 2008 में निजी कारणों से उन्होंने अपने पति जयकुमार मरावी से तलाक ले लिया और अपनी 5 साल की बेटी दिशा मरावी को लेकर अलग जीवन यापन करने लगी। वक़्त गुजरने के साथ दिशा 23 साल की हो गयी और अपने सुनहरे भविष्य का सपना देखने लगी , लेकिन इससे पहले कि वो अपने सपनों को उड़ान दे पाती उसके ही दोस्त ने ही उसे जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया । इकलौती बेटी की हत्या की खबर मिलते ही माँ मीना मरावी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा ।
24 जनवरी को घटी थी दिल दहला देने वाली घटना
मृतका दिशा मरावी की माँ मीना मरावी के मुताबिक दिल दहला देने वाली ये घटना 24 जनवरी 2026 की है । जब वह अपने विद्यालय में ड्यूटी कर रही थी इसी दरम्यान दोपहर 01:40 बजे उनके मो.न. 8770970694 पर 9131118469 से फोन आया कि आपकी लड़की जल गई है और वो बिहान नर्सिंग होम सक्ती में अकेली है। ये खबर सुनते ही उनकी हालत बदहवासों जैसी हो गई । रोती बिलखती जब अस्पताल पहुंची तो देखा कि उनकी बेटी दिशा बुरी तरह से जली हुई हालत में है । जब उन्होंने घटना के संबंध में अपनी बेटी से जानकारी लेना चाहा तो डॉक्टर ने उन्हें मना कर दिया और कहा कि उसकी हालत बात करने के लिए अनुकूल नहीं है।
अंततः दिशा हार गई जिंदगी की जंग
दिशा की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बिहान नर्सिंग होम से BTRC हॉस्पिटल बिलासपुर रेफर कर दिया गया । यहां ICU में गहन चिकित्सा प्रारम्भ होने के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती चली गयी और अंततः 1 फरवरी 2026 को दिशा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया ।
माँ ने क्या कहा
माँ मीना मरावी का आरोप है कि उनकी बेटी को सुनियोजित साजिश के तहत योगेन्द्र कुमार साहू पिता यशवंत साहू निवास गृहग्राम सकरेली कला (सक्ती) के द्वारा दबावपूर्वक होटल में बुलाकर उसके ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग के हवाले कर दिया गया। उन्हें यकीन है कि इस वारदात में योगेंद्र के दो साथी महेन्द्र कुमार सिदार और आशीष पटेल भी शामिल हैं ।
मीना सिदार ने आगे बताया कि कुछ महीने पहले महेन्द्र कुमार सिदार पिता राम कुमार सिदार निवास गृह ग्राम आमापाली (सक्ती) जिसे उनकी बेटी राखी बांधती थी और इस नाते उस पर ज्यादा भरोसा करती थी और मोबाईल फोन पर अक्सर उससे बात करती थी । महेंद्र के माध्यम से योगेन्द्र कुमार साहू द्वारा उनकी बेटी से संपर्क साधा गया और वो उनके घर के बाहर अप्रत्यक्ष रूप से धमकी भरे शब्दों में कहा कि सक्ती पुलिस मेरी जेब में है। जिस पर मीना ने उस उक्त योगेंद्र और महेंद्र दोनों से कहा था कि यदि उसकी बेटी के साथ कुछ भी अनहोनी घटना घटित हुई तो वे दोनों ही इसके जिम्मेदार होंगे।
घटना दिनांक 24.01.2026 को बिहान नर्सिंग होम सक्ती के स्टॉफ द्वारा बतलाया गया था कि उनकी बेटी को कोई आशीष पटेल नाम का लड़का काले रंग की कार में छोड़ने आया था और उसी हालत में छोड़कर तुरंत चला गया था। दिशा की गंभीर हालत को देखते हुए वहां के डॉक्टर द्वारा गहन चिकित्सा हेतु आईसीयू सुविधा वाले बर्न हॉस्पिटल में लेकर जाने के लिए सलाह दी। लिहाजा तत्काल एम्बुलेंस से दिशा को बिलासपुर रवाना किया गया। मीना का कहना है कि रास्ते में उनकी बेटी ने बताया कि योगेन्द्र साहू मुझे अक्सर होटल में खाना खाने के लिए बुलाता था और मैं खाना खाकर वापस आ जाती थी । आज भी दोपहर 12:00 बजे के आस-पास बुलाया था तो मैं बाराद्वार रोड पर बस स्टैंड के पास निजी होटल पहुंची तो वहां योगेन्द्र कुमार साहू, महेन्द्र कुमार सिदार व आशीष पटेल पहले से मौजूद थे। खाना खाते समय किसी बात को लेकर हम दोनों के बीच में कहा-सुनी हो गयी। इसके बाद वाद-विवाद इतना बढ़ गया कि योगेंद्र उसके साथ हाथापाई करने लगा। इसी बीच योगेन्द्र साहू के द्वारा तारपीन तेल को मेरे ऊपर में छिड़कने लगा । मैं भागने की कोशिश की तो हाथापाई करते हुए मुझे जमीन पर गिरा दिया और मेरे शरीर पर पूरा तारपीन तेल को डालकर माचिस से मुझे आग के हवाले कर दिया । आग लगने के बाद जब मेरा पूरा शरीर जलने लगा तो मैं आग बुझाने के लिए बोलकर उसका हाथ पकड़कर अपनी ओर खींची लेकिन उसने हाथ छुड़ाकर खुद को मुझसे दूर कर लिया । जिसके बाद मैं आग को बुझाने के लिये होटल के बाथरूम में गई थी। इन सबके बावजूद योगेन्द्र साहू द्वारा धमकी दी गयी कि मैं खुद से जली हूँ बोलना, तभी मैं हॉस्पिटल लेकर जाऊँगा और होटल का नाम भी मत लेना । पलगड़ा पहाड़ में घटना घटी है ऐसा बोलना, तो मैं डरकर बोली कि ठीक है ताकि मैं हॉस्पिटल पहुंच सकूं। योगेंद्र की धमकी के डर के कारण पुलिस वालों को पलगड़ा पहाड़ में जली हूँ बोली ।