सक्ती

पीएसएस योजना के तहत दलहन-तिलहन फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी, पंजीयन 28 फरवरी तक

सक्ती – प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत दलहन एवं तिलहन फसलों की उपज हेतु सक्ती जिले में केंद्रीय एजेंसी नेफेड के माध्यम से छह समितियों—रगजा, मालखरौदा, बेल्हाडीह, पिहरीद, जैजैपुर एवं कोटमी को अधिसूचित किया गया है। इन समितियों के आसपास के किसान अपनी दलहन एवं तिलहन फसलों की उपज निर्धारित समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकेंगे। खरीफ विपरण वर्ष 2025-26 के अंतर्गत मूंग, उड़द एवं मूंगफली फसल की उपज अवधि 25 दिसंबर से 24 अप्रैल 2026 तक अधिसूचित की गई है। वहीं रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत चना, सरसों एवं मसूर फसलों की खरीदी की जाएगी। योजना के तहत किसानों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी हेतु किसानों का एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य है तथा संबंधित फसल की गिरदावरी में प्रविष्टि दर्ज होना आवश्यक है। जिन किसानों की गिरदावरी में दलहन व तिलहन फसल अंकित होगी, उन्हीं से उपज की खरीदी की जाएगी। पंजीयन की अंतिम तिथि 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। निर्धारित समर्थन मूल्य के अनुसार खरीफ वर्ष 2025-26 में मूंग का समर्थन मूल्य 8768 रुपये प्रति क्विंटल (अधिकतम सीमा 3 एकड़), उड़द 7800 रुपये प्रति क्विंटल (अधिकतम सीमा 3 एकड़) तथा मूंगफली 7263 रुपये प्रति क्विंटल (अधिकतम सीमा 7 एकड़) निर्धारित है। इसी प्रकार रबी वर्ष 2026-27 में चना 5875 रुपये प्रति क्विंटल (अधिकतम सीमा 6 एकड़), सरसों 6200 रुपये प्रति क्विंटल (अधिकतम सीमा 5 एकड़) तथा मसूर 7000 रुपये प्रति क्विंटल (अधिकतम सीमा 2 एकड़) तय किया गया है। पंजीयन हेतु किसानों को आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका की छायाप्रति, बी-1 खसरा एवं फसल विवरण, बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा एग्रिस्टेक पंजीयन प्रस्तुत करना होगा। प्रशासन द्वारा दलहन एवं तिलहन उत्पादक किसानों से अपील की गई है कि वे योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाते हुए सहकारी समिति में समय पर पंजीयन कराएं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।