सक्ती जिले को मिली बड़ी पहचान: सक्ती बना हाथ से मैला ढोने से मुक्त जिला

सक्ती – माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 20 अक्टूबर 2023 के आदेश तथा भारत सरकार द्वारा 01 फरवरी 2024 को मैनुअल स्कैवेंजर्स (हाथ से मैला ढोने वाले कर्मियों) के सर्वेक्षण हेतु जारी दिशानिर्देशों के पालन में जिले में व्यापक सर्वेक्षण अभियान संचालित किया गया। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जिला पंचायत द्वारा जिले में गहन जांच एवं सत्यापन कार्य पूर्ण किया गया। सर्वेक्षण के दौरान किसी भी व्यक्ति को हाथ से मैला ढोने (मैनुअल स्कैवेंजिंग) की प्रथा में संलिप्त नहीं पाया गया। उक्त तथ्यों के आधार पर जिला पंचायत सीईओ वासु जैन ने प्रमाण पत्र जारी कर सक्ती जिले को औपचारिक रूप से हाथ से मैला ढोने की कुप्रथा से मुक्त घोषित किया है। यह उपलब्धि जिले में स्वच्छता, मानवीय गरिमा एवं सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जिससे नवगठित सक्ती जिले को बड़ी पहचान मिली है।


