सक्ती

राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत मोतियाबिंद शल्यक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई

सक्ती –  राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पूजा अग्रवाल के  मार्गदर्शन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सक्ती (जिला सक्ती) में दिनांक 06 जनवरी 2026 को नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शिवांगी रजनी द्वारा 06 मोतियाबिंद मरीजों की शल्यक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई समस्त ऑपरेशन निर्धारित राष्ट्रीय मानक प्रोटोकॉल पूर्ण सुरक्षा एवं संक्रमण नियंत्रण मानकों के अनुरूप किए गए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में दृष्टिहीनता की रोकथाम करना तथा बुजुर्ग एवं जरूरतमंद मरीज को बेहतर दृष्टि प्रदान करना रहा। सफल शल्य क्रिया के पश्चात मरीज को स्पष्ट दृष्टि प्राप्त होने की दिशा में महत्वपूर्ण लाभ मिला है, जिससे उनकी दैनिक जीवन की गुणवता, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक सहभागिता में उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित सभी 6 मरीजों की मोतियाबिंद शल्य क्रिया पूर्णता सफल रही है। शल्य क्रिया से पूर्व प्रत्येक मरीज की निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार विस्तृत पूर्व शल्य जांच की गई, जिसमें नेत्रों की समग्र जांच के साथ-साथ रक्तचाप, रक्त शर्करा एवं अन्य आवश्यक चिकित्सिया परीक्षण सम्मिलित थे, जिसमें शैली क्रिया की सुरक्षा एवं सफलता सुनिश्चित की जा सके। सभी शैली क्रियाएं पूर्णता: स्वच्छ सुरक्षित एवं संक्रमण नियंत्रण मानकों में विशेषज्ञ चिकित्सकीय दल द्वारा संपन्न की गई। शल्य क्रिया उपरांत मरीजों को आवश्यक औषधियां, देखभाल संबंधित विस्तृत परामर्श द्वारा तथा नियत फॉलो अप की जानकारी प्रदान की गई । शल्यक्रिया पश्चात सभी मरीजों की स्थिति स्थिर एवं संतोषजनक पाई गई। उक्त नेत्र शैल्यक्रिया कार्यक्रम की सफलता में स्वच्छ विभाग के सहयोगी टीम का उल्लेखनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में जीवन सिंह (स्टाफ नर्स) आशीष कुमार राठौर, विजय राठिया, एस.के. थवाईत, मोहन खैरवार (नेत्र सहायक अधिकारी) आशीष टंडन ( ऑटो अटेंडेड ) तथा मुकेश महंत ( चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) कर्तव्य निष्ठा संपन्न एवं टीमवर्क के साथ साराहनिया सहयोग प्रदान किया गया। यह आयोजन जिले में सुलभ, गुणवंतापूर्ण एवं मानवीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है तथा राष्ट्रीय अंधत्व उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा।